भीषण गर्मी में न हो पेयजल की दिक्कत, कहीं से न मिले शिकायतः डीएम

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जिलाधिकारी मनीष बंसल ने की पेयजल और सीवरेज कार्यों की समीक्षा

पेयजल सप्लाई, वाटर स्टोर क्षमता, डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का दिया प्रेजेंटेशन

यमुना में गिरने वाले सभी नालों की टैपिंग के दिए प्रभावी कार्यवाही के निर्देश

आगरा। भीषण गर्मी में सुचारू पेयजल आपूर्ति की जाए। कहीं से भी जलापूर्ति न होने की शिकायत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह निर्देश जिलाधिकारी मनीष बंसल ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश जल (नगरीय) पेयजल और सीवरेज संबंधी प्रेजेंटेशन कार्यों की समीक्षा करते हुए दिए। उन्होंने पेयजल आपूर्ति न होने वाले क्षेत्रों, कॉलो नियों को चिह्नित करने, पानी टैंकर की व्यवस्था सुनिश्चित करने और कार्य योजना बनाकर सभी तैयारियों को पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए।
जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में शहर की पेयजल सप्लाई, वाटर स्टोर क्षमता, सीवरेज व्यवस्था का प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया। बताया गया कि अमृत योजना के तहत आगरा में गंगाजल परियोजना के जरिए बुलंदशहर के पालड़ा झाल से 130 किमी पाइप लाइन द्वारा गंगाजल आपूर्ति की जाती है। गंगाजल संचयन के लिए सिकंदरा, जीवनी मंडी में वाटर वक्र्स स्थापित हैं। जबकि तीसरा पोइया में स्थापित किया जा रहा है।

बैठक में जिलाधिकारी कुल वाटर हाउस कनेक्शन, पेयजल सप्लाई, डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, लाइन, ओवरहेड टैंक, उसके रख-रखाव व्यवस्था, शहर में कितने घरों में गंगा जल की आपूर्ति की जा रही है, पेयजल की गुणवत्ता जांच, शहर की कुल पेयजल मांग और उसके मुकाबले की जा रही आपूर्ति, प्रस्तावित फ्यूचर प्लान, प्रगतिमान प्रोजेक्ट में लैंड और अन्य समस्या आदि की सूचना तलब की।
बैठक में बताया गया कि 213653 वाटर हाउस कनेक्शन हैं और 1848 किमी का डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क है। जिलाधिकारी ने जल निगम के वाटर सप्लाई की प्रगतिमान प्रोजेक्ट की समीक्षा में आगरा वाटर सप्लाई री-ऑर्गनाइजेशन स्कीम, ट्रांस यमुना जोन की प्रगति की समीक्षा में पाया कि उक्त प्रोजेक्ट 1 अगस्त 2025 को स्टार्ट हुआ है जिसकी पूर्ण करने की अवधि 31 अगस्त 2027 है। जबकि इसके प्रस्तावित 11 ओवरहेड टैंक का कार्य 15 प्रतिशत, 4 सीडब्ल्यूआर की प्रगति 5 प्रतिशत होने ओवर ऑल 22.5 प्रतिशत प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संपूर्ण कार्य को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी प्रगति मान प्रोजेक्ट में भूमि संबंधी या अन्य समस्याओं को चिह्नित कर एडीएम नमामि गंगे को अवगत कराने और प्रभावी कार्यवाही कर उनका निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने भविष्य की कार्य योजना, पॉपुलेशन के मुकाबले पेयजल डिमांड आदि के कांसेपचुअल ले-आउट प्लान, सोर्स डेवलपमेंट, पाइप लाइन की भी समीक्षा कर संबंधित को निर्देश दिए गए। उन्होंने जलकल विभाग को स्पष्ट निर्देशित किया कि पेयजल की नियमित क्वालिटी जांच और भीषण गर्मी को देखष्ते हुए सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। पेयजल आपूर्ति न होने की किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने सुगम पेयजल आपूर्ति न होने वाले क्षेत्रों, कॉलोनियों को चिह्नित करने, पानी टैंकर की व्यवस्था सुनिश्चित करने, पूर्व में ही कार्य योजना बनाकर सभी तैयारियों को पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में सीवरेज व्यवस्था, स्थापित करने, निर्माणाधीन एसटीपी, यमुना नदी में गिर रहे नालों की टैपिंग आदि की समीक्षा में बताया गया कि कुल 196935 सीवर हाउस कनेक्शन हैं, 12 पंपिंग स्टेशन, 12 एसटीपी स्थापित हैं। 38 और नालों की टैपिंग के लिए कार्यवाही प्रगति पर है। जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन सभी एसटीपी के कार्यों में शीघ्रता लाने और सभी को दी गई समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने यमुना में गिरने वाले बल्केश्वर नाला, भैरो नाला, मंटोला नाला सहित सभी नालों की टैपिंग के लिए प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे जुहैर बेग, अधिशासी अभियंता एहतशामुद्दीन, महाप्रबंधक जलकल सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।

 

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