उपभोक्ता आयोग के फैसले के बाद बैंक आफ बडौदा का अदा करना पडा शेयर का भुगतान

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25 साल की कानूनी लडाई के बाद परिवादी को मिला न्याय

राज्य आयोग ने भी आंशिक परिवर्तन कर जारी किया आदेश

बैंक द्वारा जमा कराई 80678 रुपये की डीडी परिवादी को सौंपी

आगरा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम ने बैंक आॅफ बडौदा के खिलाफ महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए एक डिक्रीदार को उसके शेयर का क्लेम देने का आदेश दिया। करीब 25 साल की न्यायिक लडाई के बाद आखिरकार बैंक की ओर से जमा कराई गई 80 हजार 678 रुपये की डीडी आयोग के अध्यक्ष ने डिक्रीदार को सौंपी।
आगरा के एमजी रोड रावली निवासी मुन्ना लाल गुप्ता ने 1998 में बनारस स्टेट बैंक के 1 हजार के शेयर खरीदे थे। कुछ समय बाद बनारस स्टेट बैंक का विलय बैंक आॅफ बडौदा में हो गया। परिवादी ने के कई बार मांगने के बाद भी बैंक आॅॅफ बडौदा ने उसके शेयर की बाजार मूल्य की रकम अदा नहीं की। इस पर 8 अगस्त 2023 को परिवादी ने नोटिस के बाद उपभोक्ता आयोग का रुख किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला उपभोक्ता आयोग ने 2010 के बाजार मूल्य के आधार पर 1000 शेयर छह फीसदी ब्याज सहित परिवादी को दो माह के अंदर अदा करने के आदेश किए। साथ ही वाद व्यय और मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए दस हजार का जुर्माना भी लगाया। इस आदेश के खिलाफ विपक्षी पार्टी बैंक आॅफ बडौदा ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की। राज्य आयोग ने वाद व्यय और मानसिक क्षति हर्जाना माफ करते हुए बैंक को आदेश किए वह छह माह के अंदर गजट आॅफ इंडिया में प्रकाशित अमलगेमेशन विद बैंक आॅफ बडौदा 2002 और तत्सम्बन्धी केन्द्र सरकार द्वारा जारी स्कीम और नोटिफिकेशन के आधार अनुपातिक राशि परिवादी को अदा करे। इस पर परिवादी ने जिला उपभोक्ता आयोग प्रथम में डिक्री दाखिल की। आयोग के अध्यक्ष सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव सिंह ने राज्य उपभोक्ता आयोग के फैसले के आधार पर बैंक आॅफ बडौदा को 45 दिन के अंदर परिवादी को डिक्री की शेष धनराशि 80 हजार 678 रुपये अदा करने के निर्देश दिए। यदि बैंक ऐसा नहीं करती तो परिवादी 5 मार्च 2003 से उक्त धनराशि पर 9 फीसद ब्याज पाने का हकदार होगा। बैंक ने जमा कराई उक्त राशि की डीडी जिला उपभोक्ता आयोग ने डिक्रीदार को सौंपी।

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