रोहित शेट्टी के घर फायरिंग करने वालों में आगरा के 5 शूटर, लाॅरेंस विश्नोई गैंग से जुडे
हरियाणा एसटीएफ ने आगरा के 5 आरोपी सहित यूपी से 7 आरोपी पकडे
आगरा। फिल्म प्रोड्यूसर रोहित शेट्टी के घर फायरिंग करने वालों में पांच आरोपी आगरा के बाह क्षेत्र के हैं। पुलिस ने पांचों आरोपियों सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के लिंक गैंगस्टर लॉरेंस से जुड़े हैं। रंगदारी के लिए इस वारदात को अंजाम दिया था। हरियाणा एसटीएफ और मुंबई पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में पकडे गए आरोपियों में 5 आरोपी आगरा के और एक-एक नोएडा और इटावा के हैं। आरोपी लॉरेंस गैंग के कहने पर फिल्मी हस्तियों से रंगदारी वसूलने के लिए उनके घरों पर फायरिंग करते थे।
आगरा के बाह से पकडे गए आरोपियों में दीपक (24) पुत्र रमेश चंद्र, सनी (23) पुत्र राकेश कुमार, सोनू (23) पुत्र विनोद कुमार, रितिक (22) पुत्र विनोद कुमार, विष्णु कुशवाहा (26) पुत्र सूरज पाल सभी निवासी गांव बिजौली बाह के रहने वाले हैं। जबकि अन्य दो आरोपी जतिन भारद्वाज (24) पुत्र रत्नेश, सभी निवासी सदरपुर, सेक्टर 45, गौतमबुद्धनगर और विशाल पुत्र बालकराम निवासी बसवारा, इटावा हैं। एसटीएफ के मुताबिक, दीपक मुख्य शूटर था, जो विदेश में बैठे हरि बॉक्सर और आरजू के संपर्क में था। उसी ने रोहित शेट्टी के घर पर गोली चलाई थी। वहीं, उसके साथी सनी और सोनू ने घर के बाहर रेकी की थी। आरोपी रितिक ने दीपक और उसके साथियों को छिपने में मदद की।
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि लॉरेंस गैंग के सदस्य हरियाणा के झज्जर, आगरा और नोएडा में छिपे हैं। इसके बाद एसटीएफ और मुंबई पुलिस की टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी। 15 फरवरी को झज्जर के मछरौली से मेन शूटर दीपक सहित सनी, सोनू और रितिक को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा आगरा और साहिबाबाद (गाजियाबाद) से विष्णु कुशवाहा, जतिन भारद्वाज और विशाल को भी गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि रोहित शेट्टी के घर फायरिंग कर दहशत फैलाने की साजिश थी। इस वारदात के पीछे शुभम लोनकर गिरोह का हाथ है। सोशल मीडिया पर लॉरेंस गैंग की फैन फॉलोइंग देखकर इनमें अपराध की दुनिया में अपना नाम कमाने की इच्छा जगी। घटना से पहले मुंबई जाकर कई बार रेकी की गई। 1 फरवरी की रात सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल से फायरिंग की गई। फरारी के दौरान सोशल मीडिया और टीवी चैनल से पुलिस की गतिविधियों की जानकारी लेकर ठिकाने बदलते रहे। जतिन और विशाल फरारी के दौरान ठिकाने और संसाधन उपलब्ध करा रहे थे।
एसटीएफ प्रभारी इंस्पेक्टर राकेश कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में रितिक यादव, दीपक, सनी और सोनू पर एक-एक केस दर्ज है। सभी के खिलाफ बीएनएस की धारा 109, एमपीए की धारा 37 (1), 37 (2) और 3, 25 आम्र्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले इस मामले में मुंबई पुलिस ने 5 फरवरी को आरोपी आसाराम फसाले को गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच के मुताबिक, आसाराम फसाले पिछले चार वर्षों से गैरेज मैकेनिक के तौर पर काम कर रहा था और लॉरेंस गैंग से जुड़ा हुआ था। वह गैंग के मास्टरमाइंड शुभम लोनकर के निर्देश पर हथियारों की सप्लाई करता था। अब तक रोहित शेट्टी फायरिंग मामले में करीब 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
