आगरा फोर्ट स्टेशन पर रेस्ट हाउस का प्लास्टर गिरा, बाल-बाल बचे टीटी
हादसे के वक्त रेस्ट हाउस में मौजूद थे कोटा डिवीजन के टीटी
दहशत में आए टीटी भागकर रेस्ट हाउस से निकलकर आए बाहर
हाल में आगरा रेल मंडल में प्लास्टर गिरने की यह दूसरी घटना
आगरा। रेलवे के स्टेशनों पर मरम्मत की उस समय पोल खुल गई जब आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन के टीटी रेस्ट हाउस की छत का प्लास्टर भरभरा कर ढह गया। शनिवार को हुए हादसे के वक्त रेस्ट हाउस में कोटा डिवीजन के टीटी मौजूद थे। धमाके के साथ गिरे प्लास्टर से वह दहशत में आ गए। गनीमत यह रही कि प्लास्टर के मलबे की जद में कोई नहीं आया। वरना स्थिति गंभीर हो सकती थी। आगरा रेल मंडल में हाल में प्लास्टर गिरने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले ईदगाह स्टेशन के वेटिंग रूम का प्लास्टर गिरा था, जिसमें दो महिला यात्री जख्मी हुई थीं। इसके बाद भी रेलवे के अधिकारियों ने कोई सबक नहीं लिया।
आगरा फोर्ट स्टेशन में शनिवार दोपहर को उस समय हडकम्प मच गया, जब यहां बने टीटी रेस्ट हाउस की छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर ढह गया। घटना के वक्त रेस्ट हाउस में कोटा डिवीजन टीटी मौजूद थे। प्लास्टर ढहने से दहशत में आए टीटी भागकर बाहर निकल आए। प्लास्टर का बडा हिस्सा रेस्ट हाउस में पडे बेड पर गिरा। बाद में इस घटना की जानकारी आगरा रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। सूत्रों के अनुसार आगरा फोर्ट स्टेशन के रेस्ट हाउस की मरम्मत का कार्य रेलवे के गति शक्ति विभाग द्वारा कराया गया था। आगरा रेल मंडल की पीआरओ प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि रेस्ट हाउस के जिस कमरे का प्लास्टर गिरा उसे सील कर दिया गया है। विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
हर साल मेंटीनेंस, फिर भी ऐसे हालात
आगरा रेल मंडल में इस तरह के कई हादसे हो चुके हैं। इसके बाद भी रेलवे के अधिकारी सबक नहीं ले रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर से रेलवे की मेंटीनेंस पर सवाल खडे कर दिए हैं। दरअसल रेलवे हर साल स्टेशन परिसर के आफिसों का मेंटीनेंस कराता है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जब-तब स्टेशन परिसर का मुआयना भी किया जाता है। इसके बाद भी इस तरह की घटना बडी लापरवाही की तरफ इशारा करती है।

