एआई रिसर्च की गुणवत्ता को दे रहा नई दिशा

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शारदा यूनिवर्सिटी आगरा के आनंद इंजीनियरिंग में हुई इंटर नेशनल कांफ्रेंस

देश-विदेश के शिक्षाविदों और वैज्ञानिकों ने एआई तकनीकों पर किया मंथन

युवाओं को ग्लोबल चैलेंजेज के समाधान को रिसर्च से जुड़ने की दी प्रेरणा दी

आगरा। शारदा यूनिवर्सिटी आगरा के आनंद स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी द्वारा बुधवार को इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन एआई-ड्रिवन इंटेलिजेंट सिस्टम्स फॉर सस्टेनेबिलिटी पर एक दिवसीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश के शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और शोधार्थियों ने एआई आधारित तकनीकों के जरिए सतत विकास पर गहन मंथन किया।

कॉन्फ्रेंस के गेस्ट ऑफ ऑनर प्रो. (डॉ.) सुब्रहम खरे ने कहाकि हायर एजुकेशन में एआई का उपयोग रिसर्च की गुणवत्ता को नई दिशा दे रहा है। इंटर-डिसिप्लिनरी रिसर्च को उन्होंने समय की मांग बताते हुए विद्यार्थियों से इनोवेशन आधारित सोच विकसित करने का आह्वान करते हुए कहाकि टेक्नोलॉजी तभी सार्थक है जब उसका उपयोग ह्यूमन वेलफेयर के लिए हो।

डॉ. हीराम रजा खान ने कहाकि मशीन लर्निंग और डेटा साइंस भविष्य में हर फील्ड की जरूरत बनेंगे। सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए टेक्निकल रिसर्च को प्रैक्टिकल लेवल पर उतारना जरूरी है। उन्होंने युवाओं को ग्लोबल चैलेंजेज के समाधान के लिए रिसर्च से जुड़ने की प्रेरणा दी।

डॉ. सुरेन्द्र एम. जैन ने कहा कि टेक्नोलॉजी का उपयोग सोसाइटी और एनवायरनमेंट के संतुलन को बनाए रखते हुए किया जाना चाहिए। डॉ. परवीन सैनी ने स्टूडेंट्स को इनोवेशन, स्टार्ट-अप और एंटरप्रेन्योरशिप की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने ऐसी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस को यंग रिसर्चर्स के लिए उपयोगी प्लेटफॉर्म बताया। काॅन्फ्रेंस को विशिष्ट अतिथि डॉ. के. गुणराज, डॉ. अनादी श्रीनिवासुलु ने भी सम्बोधित किया।

इस मौके शारदा यूनिवर्सिटी आगरा की कुलपति प्रो. (डॉ.) जयन्ती रंजन ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फ्यूचर टेक्नोलॉजी ही नहीं बल्कि ह्यूमैनिटी के सस्टेनेबल फ्यूचर का मजबूत आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों से सोसाइटी और एनवायरनमेंट की समस्याओं के समाधान के लिए एआई आधारित टेक्नोलॉजी विकसित करने का आह्वान किया।

शारदा यूनिवर्सिटी आगरा के आनंद स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के डीन प्रो. स्वामीनाथन ने कहाकि एएसईटी रिसर्च और इनोवेशन को निरंतर बढ़ावा दे रहा है। आईसीएआईडीआईएसएस 2026 जैसी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस स्टूडेंट्स और रिसर्चर्स को ग्लोबल प्लेटफॉर्म प्रदान करती हैं। चीफ गेस्ट डॉ. मनीष कुमार चाटली कहाकि एआई आधारित इंटेलिजेंट सिस्टम्स एग्रीकल्चर, एनिमल हसबेंड्री और एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन के क्षेत्र में रिवोल्यूशनरी बदलाव ला सकती हैं। उन्होंने एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस से सोसाइटी-ओरिएंटेड टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट पर फोकस करने का आह्वान किया।

कॉन्फ्रेंस में कुलसचिव, उपकुलसचिव सहित आनंद स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के सभी प्रोफेसर्स, डायरेक्टर, विभागअध्यक्ष, और स्टूडेंट मौजूद रहे। शारदा यूनिवर्सिटी आगरा के चांसलर पीके गुप्ता और प्रो-चांसलर वाईके गुप्ता ने कॉन्फ्रेंस के सफल आयोजन पर वक्ताओं प्रतिभागियों को बधाई दी। सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का कन्वीनर प्रो. मनीष बाबू अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया।

 

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