आगरा में स्मार्ट मीटर तोड़ने पर 16 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर, सैकडों अज्ञात भी शामिल
सरकारी संपत्ति को नुकसान पहंुचाने का आरोप,
एफआईआर को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष
आगरा। यूपी के आगरा की अकोला में ग्रामीणों को स्मार्ट मीटरों को उखाड़कर फैंकना महंगा पड़ गया है। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सरकारी कार्य में बांधा डालने, राजस्व हानि और बिजली आपूर्ति में खलल डालने पर 16 नामजद लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। थाना कागारौल में दर्ज एफआईआर को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।
विद्युत सब स्टेशन अकोला के एसडीओ हिमांशु गुप्ता की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि 1 मई को सुबह लगभग 7.30 बजे अकोला के कुछ ग्रामीण 33/11 केवी बिजली सब स्टेशन पर पहुंचे थे। उन्होंने सब स्टेशन पर मौजूद एसएसओ प्रेमशंकर से बिजली आपूर्ति बंद करने के लिए कहा। एसएसओ ने मना किया तो ग्रामीणों पर उन पर दबाव बनाया। इस दौरान टिंकू उर्फ मोरध्वज, रविंद्र, पंकज, सचिन, रवि, श्रीओम, रिवंद्र सिंह के साथ अकोला, नगला जयराम और नगला परमाल के 500-600 पुरुष और महिलाएं सब स्टेशन पर एकत्रित हो गए और उग्र होकर नारेबाजी की।
इन लोगों ने प्रदर्शन करने के साथ ही भीड़ को उकसाया। ये लोग सब स्टेशन में घुस आए और सरकारी कार्य में बाधा डाली। अपने साथ उखाड़कर लाए बिजली मीटर को सब स्टेशन में तोड़ने व फेंकने लगे। इससे डर का माहौल बन गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर काबू पाया।
किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने एफआईआर दर्ज किए जाने पर रोष व्यक्त किया है। उन्होंने मुकदमा वापस लेने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहाकियदि मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो किसान दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। इसकी जिम्मेदारी बिजली विभाग के अधिकारियों की होगी।
