सडक हादसों के लिए केन्द्र सरकार ने शुरू की पीएम राहत योजना, घायल को मिलेगा डेढ लाख का मुफ्त
अस्पताल में 7 दिनों तक जीरो बिल की सुविधा
नई दिल्ली। सड़क हादसों में होने वाली मौतों को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने क्रांतिकारी पीएम राहत योजना लॉन्च की है। इस स्कीम के तहत दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचने के पहले 7 दिनों तक 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मुफ्त मिलेगा। योजना का मुख्य उद्देश्य गोल्डन आवर (हादसे के तुरंत बाद का एक घंटा) में मरीज को बिना पैसों की चिंता किए तुरंत चिकित्सा उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर इलाज मिलने से देश में सड़क हादसों से होने वाली आधी मौतों को टाला जा सकेगा।
यह पूरी व्यवस्था दो अत्याधुनिक डिजिटल सिस्टम, ईडीएआर और टीएमएस 2.0 पर आधारित है। इनके माध्यम से अस्पताल में भर्ती होने से लेकर क्लेम भुगतान तक की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। खास बात यह है कि अगर घायल की जान को खतरा है तो 48 घंटे तक का सघन इलाज और सामान्य चोट की स्थिति में 24 घंटे का स्टेबलाइजेशन उपचार पूरी तरह निशुल्क होगा। अस्पतालों को भुगतान बीमा कंपनियों या केंद्र सरकार के मोटर वाहन दुर्घटना कोष से सीधे किया जाएगा। यहां तक कि हिट एंड रन या बिना बीमा वाले वाहनों के मामलों में भी सरकार इलाज का खर्च स्वयं वहन करेगी।
पीएम राहत योजना में घायलों की मदद करने वाले गुड समैरिटन (नेक राहगीरों) को विशेष सुरक्षा दी गई है। अब घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को न तो पैसों की चिंता करनी होगी और न ही पुलिसिया पूछताछ या कानूनी पचड़ों में फंसने का डर रहेगा। योजना की निगरानी और शिकायतों का निपटारा सीधे जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली सड़क सुरक्षा समिति करेगी। परिवहन, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के समन्वय से चलने वाली यह योजना भारतीय सड़कों पर सुरक्षा का नया अध्याय लिखेगी, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को अचानक आने वाले भारी चिकित्सा खर्च से बड़ी राहत मिलेगी।
