एसआईआर में बड़े पैमाने पर सपा समर्थकों के नाम हटाए गएः अखिलेश
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने फिर लगाए आरोप
चुनाव आयोग को समजावादी पार्टी सौंपेगी ज्ञापन
एसआईआर में 16 मतदाताओं के नाम हटाने के आरोप
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाते हुए सोमवार को कहाकि इसके लिये जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। यादव ने यहां सपा कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहाकि पार्टी इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठायेगी।
सपा प्रमुख ने कहाकि उनकी पार्टी इस संबंध में मंगलवार को निर्वाचन आयोग को एक ज्ञापन भी सौंपेगी, जिसमें यह अपील की जाएगी कि एसआईआर में जो गड़बड़ियां की गयी हैं, उन पर किन नियमों के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाए और यदि कोई व्यक्ति गलत काम करने का दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। यादव ने कहाकि निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से मुलाकात के बाद सपा इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाएगी।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने मांग की कि फॉर्म.7 के जरिये नाम हटाने की प्रक्रिया सिर्फ बूथ स्तरीय अधिकारी बीएलओ द्वारा शुरू की जानी चाहिए, किसी और माध्यम से नहीं। उन्होंने यह भी मांग की कि विधानसभा चुनाव क्षेत्र, बूथ नंबर और फॉर्म.7 जमा करने वाले व्यक्ति समेत पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि एसआईआर में सपा के समर्थकों के नाम गलत तरीके से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सकलडीहा विधानसभा क्षेत्र में 16 मतदाताओं के नाम हटा दिये गये। उन्होंने कहाकि विश्लेषण करने पर पता लगेगा कि वे पीडीए पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय के हैं। यादव ने आरोप लगाया कि बाबागंज विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 365 पर जाली हस्ताक्षर का हवाला देकर लगभग 100 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिये गये। उन्होंने कई मतदाताओं के नाम, उनके बूथ नंबर और उन्हें हटाने के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए फॉर्म.7 का विवरण भी पढ़कर सुनाया।
