विबि जी राम जी कानून को लेकर भाजपा देशभर में जगाएगी अलख, सांसद चाहर को मिली इन राज्यों की जिम्मेदारी
नई दिल्ली। विकसित भारत जी राम जी कानून को लेकर भाजपा देशभर में जागरू कता अभियान चलाएगी। इसके लिए पार्टी ने केन्द्रीय समन्वयक टीम को विभिन्न राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी है। यह टीमें अपने-अपने राज्यों में विकसित भारत जीराम जी कानून के बारे में प्रचार प्रसार करेंगी।
पार्टी नेतृत्व ने राष्ट्रीय स्तर पर अभियान के संचालन और समन्वय के लिए जिन वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है, उनमें राज्यसभा सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह, भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और आगरा की फतेहपुर सीकरी सीट से सांसद राजकुमार चाहर, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा, राष्ट्रीय सचिव ओपी धनगर और किसान मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव शंभू कुमार शामिल हैं। ये सभी नेता अपने-अपने प्रभार वाले राज्यों में विकसित भारत के लक्ष्य, केंद्र सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे।
भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद राजकुमार चाहर को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी जैसे राज्यों का प्रभार सौंपा गया है। इन राज्यों में संगठनात्मक समन्वय, जनसभाओं, संवाद कार्यक्रमों और जन-जागरण गतिविधियों की निगरानी की जिम्मेदारी उनकी होगी। जबकि उत्तर प्रदेश और बिहार, तेलंगाना, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और लक्ष्यदीप की जिम्मेदारी भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओपी धनगर को दी गई है। इन राज्यों में अभियान को गति देने, संगठन और जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित करने का दायित्व वे निभाएंगे।
राज्यसभा सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह को महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ, झारखंड, महाराष्ट्र और गोवा जैसे राज्यों में विकसित भारत जी राम जी जन-जागरण अभियान चलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जबकि भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, दादर नगर हवेली, दमन दीयू और अंडमान निकोबार की जिम्मेदारी दी गई है। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि इस तरह स्पष्ट जिम्मेदारियों के साथ अनुभवी नेताओं की तैनाती से विकसित भारत का संदेश देश के हर कोने तक प्रभावी ढंग से पहुंचेगा और आम जनता को केंद्र सरकार की नीतियों, योजनाओं और भविष्य के विजन से जोड़ा जा सकेगा।
