बहू का सास संग रहने से इंकार, बेटा मां को छोडने को नहीं तैयार
मथुरा के साफ्टवेयर इंजीनियर का मामला पहुंचा आगरा परिवार परामर्श केन्द्र
काउंसलरों के तमाम समझाने के बाद भी नहीं मानने को तैयार नहीं हुई बहू
बेटा बोला जन्म देने और पाल-पोसने वाली मां नहीं छोड सकता हूं अकेला
आगरा। बहू ने सास के साथ रहने से इंकार कर दिया। अलग घर रहने के लिए दबाव डाला, लेकिन पति ने अपनी मां को अकेला छोडने को तैयार नहीं हुआ। मामला परिवार परामर्श केन्द्र पहुंचा। काउंसलर्स के तमाम समझाने के बाद भी बहू सास के साथ रहने को राजी नहीं। इधर पति ने भी साफ कह दिया कि चाहे कुछ भी हो, वह अपनी मां को नहीं छोड सकता।
मथुरा के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के परिवार का मामला आगरा के परिवार परा मर्श केंद्र में चल रहा है। मथुरा निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर की शादी वर्ष 2023 में आगरा के सदर क्षेत्र की युवती से हुई थी। शादी के बाद कुछ समय तक सब कुछ ठीकठाक रहा। इस बीच दंपति को एक संतान हुई। परिवार में पति, उसकी मां और बहू-बच्चा ही रहते हैं। कुछ महीनों बाद विवाहिता ने सास के साथ रहने पर आपत्ति जतानी शुरू कर दी। पति पर लगातार अलग मकान में रहने की जिद करने लगी। पति ने किसी भी हालत में अपनी मां को अकेला छोड़ने से इंकार कर दिया। इसको लेकर दोनों के बीच विवाद बढ गया। रोजाना के झगड़े हाथापाई तक पहुंच गये।
विवाद बढ़ने पर विवाहिता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। आरोप लगाया कि उसका पति उसके साथ मारपीट करता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रकरण को परिवार परामर्श केंद्र भेज दिया। परिवार परामर्श केंद्र के काउंसलरों ने दोनों पक्षों को सुना और समझाने का प्रयास किया। पत्नी को भी समझाया, लेकिन वह किसी भी हालत में सास के साथ रहने को तैयार नहीं है। वहीं पति का कहना है कि जिस मां ने उसे जन्म दिया और पाला-पोसा, उसे छोड़ना उसके लिए संभव नहीं है। परिवार परामर्श केंद्र में शनिवार को कुल 68 दंपतियों की काउंसलिंग की गई। इनमें से 10 दंपतियों समझौता कराया गया। जबकि 20 मामलों में कोई समाधान न निकलने पर फाइलें बंद कर दी गईं। बाकी मामलों में अगली तारीख दी गई है।
