महिला नेत्री का भाजपा जिलाध्यक्ष पर पद के बदले अनैतिक दबाव बनाने का आरोप

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पूर्व भाजपा जिला मंत्री ने पार्टी जिलाध्यक्ष के खिलाफ खोला मोर्चा

फेसबुक लाइव में भाजपा जिलाध्यक्ष पर लगाए शर्मनाक आरोप

महोबा। भाजपा की पूर्व जिला मंत्री ने पार्टी जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा पर पद के बदले शर्मनाक शर्त रखे जाने का आरोप लगाया है। साथ ही दिल्ली-लखनऊ चलने का प्रस्ताव दिया। शर्त न मानने पर पार्टी से निकालने और उसके पति को जेल भिजवाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। जिले में भाजपा के अंदर की तकरार अब सोशल मीडिया पर खुलकर सामने आ गई है। भाजपा की महिला नेत्री ने पुलिस से न्याय दिलाने की मांग करते हुए फेसबुक पर लाइव पूरे मामले की जानकारी दी है।
भाजपा जिलाध्यक्ष द्वारा महिला नेत्री के साथ की गई गंदी मांग के कारण उत्तर प्रदेश की राजनीति में बवाल मच गया है। विपक्षी दलों ने भाजपा नेता की गंदी हरकत को मुद्दा बना लिया है। भाजपा की नई जिला कार्यकारिणी के गठन के बाद से ही आरोपों का दौर जारी है। पूर्व जिला मंत्री ने फेसबुक लाइव में सीधे तौर पर जिलाध्यक्ष पर पद के बदले अनुचित दबाव बनाने का आरोपों ने सनसनी फैला दी। महिला नेत्री का कहना है कि जब उन्होंने जिला उपाध्यक्ष पद के लिए बात की, तो जिलाध्यक्ष ने उनके सामने ऐसी शर्मनाक शर्त रखी, जिसे सुनकर वह हैरान रह गईं। आरोप है कि जिला अध्यक्ष ने उन्हें दिल्ली और लखनऊ साथ चलने का प्रस्ताव दिया और बात न मानने पर पद से हटाने और पार्टी से बाहर करने के साथ ही उसके पति को दुष्कर्म के झूठे मामले में जेल भिजवाने की धमकी दी। आरोप लगाया कि पार्टी के दो अन्य पदाधिकारी भी उन पर जिलाध्यक्ष की बात मानने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने भावुक होकर कहाकि वह वर्षों से पार्टी के लिए समर्पित थीं, लेकिन जब उनके पति को दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई, तब उनका सब्र टूट गया और उन्हें फेसबुक लाइव के जरिए अपनी बात सार्वजनिक करनी पड़ी।
इस घटना से विपक्ष को बड़ा मुद्दा मिल गया है। विपक्षी दल इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहे हैं। विपक्षी दलों ने इस घटना का जिक्र करते हुए भाजपा को महिला विरोधी करार दिया। यह मामला महोबा से निकलकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक पहुंच गया है। इस मुद्दे की चर्चा सोशल मीडिया पर भी तेजी से हो रही है। इधर जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा ने सभी आरोपों को निराधार और मनगढ़ंत बताते हुए सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है और यह उनकी छवि खराब करने की साजिश है। उन्होंने कहाकि वह इस मामले में उचित मंच पर अपना पक्ष रखेंगे। घटना के बाद जिले में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। पार्टी के अंदर इस विवाद को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। जबकि स्थानीय स्तर पर मामले की जांच और सच्चाई सामने आने की मांग उठने लगी है। अब देखना होगा कि इस मामले में पुलिस क्या एक्शन लेती है। भाजपा के नेतृत्व के फैसले पर भी सबकी नजर रहेगी।

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