आपरेशन मुस्कान के तहत पुलिस ने परिवारों की लौटाईं खुशियां

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जीआरपी आगरा द्वारा मार्च माह में घर रूठकर निकले 5 बच्चों के परिवारों को खोज निकाला

आगरा। आपरेशन मुस्कान के तहत जीआरपी आगरा द्वारा बीते मार्च माह में घर रूठकर निकले 5 बच्चों को उनके परिवार से मिलाया। लापता बच्चों को पाकर परिजनों के चेहरे खिल उठे। बालगृहों में मिले ये गुमशुदा बच्चे उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान रहने वाले थे। आॅपरेशन मुस्कान टीम ने इन बालकों के परिवारीजनों को अथक प्रयास के बाद खोजकर उनके सुपुर्द किया गया।

ऑपरेशन मुस्कान टीम को साथी शेल्टर होम नई दिल्ली में एक 11 वर्षीय बालक मिला। पूछताछ में उसने अपना नाम और पता प्रताप विहार गाजियाबाद बताया। बच्चे को अपने परिजनों मोबाइल नम्बर याद नहीं था। इस पर टीम ने सी-प्लान ऐप की सहायता से कई लोगों को कॉल किया और मीडिया का भी सहारा लिया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसी बीच एक व्यक्ति ने बताया कि ये बालक उसके घर के पीछे वाली गली में रहता है। बच्चे की दादी से बात कराई तो पता चला कि बालक घर से 20 मार्च को नाराज निकल गया था। काफी खोजा, लेकिन नहीं मिला। पुलिस टीम ने बताया बालक साथी शेल्टर होम नई दिल्ली में है। इस परिजन आवश्यक डॉक्यूमेंट लेकर पहुंचे। बालक की दादी ने सीडब्ल्यूसी के समक्ष बालक को अपनी सुपुर्दगी में लेने को प्रार्थना पत्र दिया। जिस पर आवश्यक कार्य वाही के बाद बालक को उसकी दादी की सुपुर्द कर दिया गया।

इसी तरह साथी शेल्टर होम नई दिल्ली में मिले 10 वर्षीय बालक बालक ने भी पूछताछ में अपना नाम व पता प्रताप विहार गाजियाबाद बताया। उसे भी अपने परिजनों का मोबाइल नंबर याद नहीं था। सी-प्लान ऐप से भी कोई सफलता नहीं मिली। एक व्यक्ति ने बच्चे की मां से बात कराई। मां ने बताया बालक घर से 20.मार्च 2026 को घर से नाराज होकर चला गया था। पुलिस टीम के बताने पर बालक के परिजन आवश्यक दस्तावेजों के साथ सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश हुए। जहां से आवश्यक कार्यवाही के बाद बालक को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया।

बाल गृह पहाड़गंज नई दिल्ली में 30 मार्च 2026 से रह रहे दस वर्षीय बालक ने बताया कि वह इस्लामपुरा धौलपुर राजस्थान का रहने वाला है। पूछताछ में बालक ने अपनी दादी का मोबाइल नम्बर दिया। पुलिस टीम ने फोन कर बालक के बारे में जान कारी दी। बालक के पिता ने बताया कि यह बिना बताए घर से कहीं निकल गया था। काफी ढूंढने के बाद भी नहीं मिला। पिता ने बाल गृह पहाड़गंज नई दिल्ली और सीडब्ल्यूसी दिल्ली के समक्ष आवश्यक दस्तावेज पेश किए। जहां से बालक को उनके साथ भेज दिया गया। इसी तरह बाल गृह मोरी गेट पुरानी दिल्ली में मिले 12 वर्षीय बालक ने पूछताछ में बताया कि वह मानेसर शाहदरा दिल्ली का रहने वाला है। उसने बताया कि वह घर से मम्मी के डांटने पर गुस्सा होकर निकल आया था। वह वापस घर नहीं जाना चाहता। बालक ने बताया कि उसका पढ़ाई में मन नही लगता है। इस कारण मम्मी डांटती थी। टीम ने बालक से नम्बर लेकर उसकी माता से बात की। बताया कि बालक घर से 28 मार्च 2026 को बिना बताए घर से निकल गया। काफी खोजा नही मिला। पुलिस टीम के बताने पर परिजन आवश्यक दस्तावेजों के साथ सीडब्ल्यूसी तृतीय के समक्ष पेश हुए। जहां से बालक को उसकी माता के सुपुर्द किया गया।

साथी शेल्टर होम पहाड़गंज नई दिल्ली में मिले 13 वर्षीय बालक ने बताया कि वह बिजनौर का रहने वाला है। उसे अपने परिजनों का मोबाइल नंबर याद नहीं था। सी-प्लान ऐप सर्च से पता चला कि बच्चे का गांव थाना फरीदपुर भोगी में पड़ता है। उस इलाके के कई संभ्रांत लोगों से काॅल पर बात के बाद कोई सफलता नहीं मिली। एक मोबाइल नंबर से कॉल आई। उसने बताया कि वह बालक का भाई है। उसका भाई 30 मार्च .2026 से लापता है। आवश्यक डॉक्यूमेंट के साथ बालक के भाई ने सीडब्ल्यूसी के समक्ष सुपुर्दगी प्रार्थना पत्र दिया। जहां से आवश्यक कार्य वाही के बाद बालक को उसके भाई के सुपुर्द कर दिया गया।

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