खतरनाक मोड़ पर मिडिल ईस्ट जंग, मिसाइल अलर्ट से दहशत

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तेहरान/तेल अवीव। मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजरायल संघर्ष अब 30वें दिन बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि खाड़ी देशों में लगातार मिसाइल अलर्ट बज रहे हैं और आम लोगों में दहशत का माहौल है। ईरान द्वारा नए हमले शुरू किए जाने के बाद संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन जैसे देशों को अपने एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय करने पड़े। कई जगहों पर मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही मार गिराया गया, जिससे तेज धमाकों की आवाजें सुनाई दीं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी गई।

इस बीच अमेरिका ने भी मोर्चा संभालते हुए अपनी सैन्य ताकत को और बढ़ा दिया है। अमेरिकी वॉरशिप यूएसएस त्रिपोली करीब 3,500 सैनिकों के साथ मिडिल ईस्ट पहुंच चुका है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड का दावा है कि उसने ईरान में अब तक 11 हजार से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए हैं, जिससे इस संघर्ष के और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। इधर, इजरायल ने भी आने वाली मिसाइलों की पुष्टि करते हुए आपातकालीन अलर्ट जारी कर दिए हैं। वहीं यमन के हूती विद्रोहियों ने भी हमलों की नई लहर शुरू कर दी है और ईरान व हिज्बुल्लाह के साथ मिलकर कार्रवाई करने का दावा किया है।
दूसरी ओर, इजरायली सेना ने सीरिया के रास्ते लेबनान में घुसकर जमीनी सैन्य अभियान भी शुरू कर दिया है, जिससे क्षेत्र में बड़े युद्ध की आशंका और गहरा गई है।

हालांकि इस बढ़ते तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयास भी तेज हो गए हैं। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सऊदी अरब, तुर्किये और मिस्र के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक चल रही है, जहां युद्ध को खत्म करने के रास्ते तलाशे जा रहे हैं। पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की पेशकश भी की है और 15 सूत्रीय प्रस्ताव सौंपा है, जिस पर ईरान विचार कर रहा है। कुल मिलाकर, जंग के 30वें दिन हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ कूटनीतिक कोशिशें भी जारी हैं, लेकिन दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या यह संघर्ष यहीं थमेगा या फिर एक बड़े वैश्विक संकट में बदल जाएगा।

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