वैश्विक व्यापार में भारत के लिए नए अवसर, एफटीए से खुलेंगे अंतरराष्ट्रीय बाजारः डॉ. अजय सहाय
आगरा के प्रमुख निर्यातक और उद्योग जगत के दिग्गजों की उपस्थिति में हुआ सेमिनार
वक्ता बोले वैश्विक सप्लाई चेन में बढ़ रही भारत की भागीदारी, एफटीए से निर्यात को मिलेगा बल
आगरा। शहर के प्रमुख निर्यातकों और उद्योग जगत दिग्गजों के बीच आगरा फुटवि यर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर (एफमेक) द्वारा एफआईईओ के सहयोग से भारत द्वारा अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते पर आयोजित सेमिनार पर चर्चा की गई। सेमिनार में मुख्य अतिथि फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन्स के महानिदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अजय सहाय रहे। सह-आयोजक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ंने बैंक और फैक्टरिंग कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराई जा रहीयोजनाओं की जानकारी दी।
सेमिनार में एफमेक अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने कहाकि वर्तमान में मध्य-पूर्व में चल रहे संकट के चलते अधिकांश कच्चा माल पेट्रो-केमिकल पर आधारित होने के कारण कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है, जिससे उद्योग के लिए लागत को संतुलित करना कठिन हो रहा है। उन्होंने इस पर चिंता जताई। एफमेक संयोजक और डीसीएफएलआई के चेयरमैन पूरन डावर ने कहाकि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और युद्ध के हालातों के बीच भारतीय निर्यात के लिए बड़े अवसर पैदा हो रहे हैं। भारत का निर्यात दोगुना तक बढ़ने की संभावनाएं हैं। उन्होंने कहाकि आज पूरी दुनिया भारत को एक उभरती हुई बड़ी औद्योगिक शक्ति के रूप में देख रही है। डावर ने कहाकि वर्ष 2030 तक 50 बिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य का निर्धारण किया गया है। जिस प्रकार वैश्विक बाजार में अवसर बढ़ रहे हैं, उससे यह लक्ष्य हासिल होने के साथ-साथ इससे भी बड़े लक्ष्य प्राप्त करने के संकेत मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा विभिन्न देशों और व्यापारिक समूहों के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौते निर्यातकों के लिए बड़ा अवसर साबित होंगे। इन समझौतों के माध्यम से कई उत्पादों को विदेशी बाजारों में शून्य शुल्क पर निर्यात करने का अवसर मिलेगा, जिससे भारतीय उद्योगों और निर्यातकों को बड़ी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्राप्त होगी। भारत ने हाल के कई मुक्त व्यापार समझौतों के माध्यम से अपने व्यापारिक संबंधों का विस्तार किया है, जो दर्जनों देशों तक बाजार पहुंच बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। डॉ. अजय सहाय ने कहाकि भारत के लिए भविष्य की संभावनाएं अत्यंत उज्ज्वल हैं। अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के साथ हो रहे मुक्त व्यापार समझौतों से भारतीय उद्योग को नए अवसर प्राप्त होंगे। सरकार उद्योगों को सहयोग देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। एफटीए के माध्यम से भारतीय उत्पादों को विदेशी बाजारों में कम आयात शुल्क, बेहतर बाजार पहुंच और प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलती है। इससे टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग गुड्स, ऑटो कंपोनेंट्स, रसायन, कृषि और खाद्य उत्पाद जैसे कई क्षेत्रों में निर्यात बढ़ाने की व्यापक संभावनाएँ बन रही हैं।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के जीएम एसवीएस नागेंद्र कुमार, डीजीएम संजय कुमार सिंह, एजीएम एसएमई पुनीत शर्मा ने विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। ज्वाइंट कमिश्नर इंडस्ट्रीज, आगरा डिवीजन अनुज कुमार ने यूपी एक्सपोर्ट पालिसी के प्रावधानों के बारे में बताया। फिओ के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव ने कहाकि भारत अपनी उत्पादन क्षमता, कुशल मानव संसाधन और प्रतिस्पर्धात्मक लागत के कारण एक विश्वसनीय विकल्प के रूप में उभर रहा है। बैठक में नजीर अहमद, कैप्टन एएस राणा, राजेश सहगल, राजीव वासन, प्रदीप वासन, सीएम सचदेवा, सुशील सचदेवा, अनिरुद्ध तिवारी, ललित अरोरा, राजेश अग्रवाल, गुलशन लामा, काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट्स के उप निदेशक आरके शुक्ला आदि उपस्थित रहे।

