सीवी आनंद बोस ने छोडा पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का पद, दिल्ली में बढ़ी सियासी हलचल
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने साढ़े तीन साल तक इस पद पर रहने के बाद गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह कदम राज्य में 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों से कुछ ही सप्ताह पहले उठाया गया है। सूत्रों के अनुसार, बोस दिल्ली में हैं और उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
डॉ. सीवी आनंद बोस (जन्म 2 जनवरी 1951) भारत के एक सेवानिवृत्त 1977 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी और राजनेता हैं। उन्होंने 23 नवंबर 2022 से 5 मार्च 2026 तक पश्चिम बंगाल के 21वें राज्यपाल के रूप में कार्य किया। राष्ट्रीय संग्रहालय (नेशनल म्यूजियम) के प्रशासक के रूप में डॉ. बोस ने संस्थान को आधुनिक और अधिक सक्रिय बनाने के लिए 100 दिनों का विशेष कार्यक्रम शुरू किया।
इस कार्यक्रम के तहत संग्रहालय के पुनरोद्धार और सुधार के लिए कई ठोस कदम उठाए गए। इनमें बंद पड़ी दीर्घाओं (गैलरी) को फिर से खोलना, प्रदर्शनी व्यवस्था और प्रकाश व्यवस्था को आधुनिक बनाना, संग्रहालय को समाज तक पहुंचाने के लिए आउटरीच कार्यक्रम शुरू करना और बच्चों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करना शामिल था, ताकि युवा पीढ़ी को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के बारे में जागरूक किया जा सके। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों का आयोजन किया गया और पीपल्स म्यूजियम आंदोलन की शुरुआत भी की गई। खास बात यह रही कि 100 दिनों के लक्ष्य में से अधिकांश सुधार सिर्फ 60 दिनों के भीतर ही पूरे कर लिए गए।
17 नवंबर 2022 को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डॉ. सीवी आनंद बोस को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया था। बाद में 5 मार्च 2026 को उन्होंने भारत के राष्ट्रपति को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया।
