ईरान ने सऊदी अरब की अरामको रिफाइनरी पर किया ड्रोन हमला, कच्चे तेल के दाम बढे
नई दिल्ली। मध्य पूर्व में चल रहा तनाव अब दुनिया के लिए बड़ा आर्थिक और कूटनीतिक संकट बन चुका है। इजराइल और अमेरिका के खिलाफ चल रही जंग के तीसरे दिन सोमवार सुबह ईरान ने एक बेहद दुस्साहसिक कदम उठाते हुए सऊदी अरब की दिग्गज तेल कंपनी अरामको की रास तनुरा रिफाइनरी को अपना निशाना बनाया है। इस हमले के बाद एहतियात के तौर पर दुनिया के इस सबसे बड़े तेल डिपो को बंद कर दिया गया है।
सऊदी अरब के इस तेल डिपो पर हुए हमले का असर तुरंत अंतरराष्ट्रीय बाजार पर देखने को मिला। रिफाइनरी पर हमले और उसके बंद होने की खबर आते ही वैश्विक तेल बाजार में खलबली मच गई। सोमवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में 9.32 प्रतिशत का भारी उछाल दर्ज किया गया, जो पिछले कई महीनों में सबसे तेज बढ़ोतरी है। ईरान के इस हमले ने सीधे तौर पर वैश्विक तेल आपूर्ति की धमनियों पर प्रहार किया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है और पूरी दुनिया में तेल की किल्लत की आशंका पैदा हो गई है। यदि यह रिफाइनरी लंबे समय तक बंद रहती है और मध्य पूर्व में तनाव कम नहीं होता है, तो कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिसका सीधा असर भारत सहित दुनिया भर के देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई पर पड़ेगा।
यह हमला ईरान द्वारा सोमवार सुबह सऊदी अरब के प्रमुख एनर्जी हब रास तनुरा पर किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने इस रिफाइनरी को निशाना बनाने के लिए अपने खतरनाक शाहेद-136 ड्रोन का इस्तेमाल किया। हमले के तुरंत बाद रिफाइनरी के कुछ हिस्सों में आग भड़क उठी और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया। हालांकि एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि आग रिफाइनरी के एक छोटे से हिस्से में लगी थी, जिसे जल्द ही काबू कर लिया गया और इसमें किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।
भले ही आग पर काबू पा लिया गया हो, लेकिन सुरक्षा कारणों और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए एहतियात के तौर पर इस विशाल तेल रिफाइनरी को फिलहाल बंद कर दिया गया है। रास तनुरा सऊदी अरामको का सबसे प्रमुख और दुनिया का सबसे बड़ा ऑफशोर ऑयल लोडिंग टर्मिनल माना जाता है। इस रिफाइनरी की क्षमता लगभग 5.5 से 6 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल रिफाइन करने की है। इसके बंद होने का मतलब है कि हर दिन लाखों बैरल तेल का उत्पादन और निर्यात रुक गया है, जो दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक बड़ा झटका है।
अमेरिका, यूरोप और एशिया को तेल निर्यात का मुख्य केंद्र
रास तनुरा रिफाइनरी का महत्व इसलिए भी बहुत ज्यादा है क्योंकि यहीं से बड़े-बड़े तेल टैंकरों में कच्चा तेल भरकर पूरी दुनिया में भेजा जाता है। यह टर्मिनल अमेरिका, यूरोप और एशिया के कई देशों के लिए तेल आपूर्ति का एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण स्रोत है। विशेषज्ञों का मानना है कि चूंकि दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल होर्मुज के इसी समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है, ऐसे में अगर ईरान ने तेल टर्मिनलों पर अपने हमले जारी रखे या इस रूट को बाधित किया, तो पूरी दुनिया को एक भयंकर तेल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
कतर, बहरीन और यूएई तक फैली ईरान की जंग की आग
यह हमला इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के तीसरे दिन हुआ है। ईरान ने अब अपने हमलों का दायरा बहुत बढ़ा दिया है। इजराइल को निशाना बनाने के साथ-साथ ईरान ने कतर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात पर भी बमबारी शुरू कर दी है। इसके अलावा, इस क्षेत्रीय जंग में लेबनान का उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह भी पूरी तरह कूद पड़ा है। हिजबुल्लाह, ईरान के समर्थन से अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत का बदला लेने के लिए इजराइल के कई ठिकानों पर लगातार बमबारी कर रहा है, जिससे हालात और भी बेकाबू हो गए हैं।
