एआई सम्मिट में कांग्रेस के नग्न प्रदर्शन पर  बरसे सांसद नवीन जैन, राहुल गांधी को बताया सत्ता का भूखा भेड़िया

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आगरा। एआई सम्मिट में कांग्रेस के नग्न प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने राहुल गांधी सहित कांग्रेस पर कड़ा हमला बोला। राहुल गांधी को अबोध बालक बताते हुए कहाकि वह एक राजनीतिक दल चला रहे हैं और अपने दल के के साथ ही देश का भी नुकसान करने लगे हैं। उन्होंने कांग्रेस को सत्ता का भूख भेडिया तक कहा।

उन्होंने कहाकि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के नेतृत्व में अभी हाल में दिल्ली में हुई एआई सम्मिट में विभिन्न देशों के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और वहां के प्रमुख उद्योगपतियों ने भाग लिया। उनके सामने नग्न होकर प्रदर्शन कहां तक उचित है। यह देश की गरिमा और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि के अनुरूप नहीं है।

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने कहाकि विदेशों में देश की प्रगति और स्वाभिमान को अच्छी नजरों से भारत को देखा जाता है। वह आपको क्यों नहीं पसंद आता है। उन्होंने कहाकि आज भारत वैश्विक मंचों पर सम्मान के साथ आगे बढ़ रहा है और ऐसे कृत्य राष्ट्र की प्रतिष्ठा को आघात पहुंचाने वाले हैं।
राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने देश की सेना का जिक्र करते हुए कहाकि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी हमेशा देश की सेना पर प्रश्नचिन्ह लगाते हैं। चाहे वह एयर स्ट्राइक हो, सर्जिकल स्ट्राइक हो या फिर ऑपरेशन सिंदूर रहा हो, देश की सेनाएं निरंतर पराक्रम और साहस का परिचय देकर राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही हैं।

संसद में विपक्ष के नेता की भूमिका बताते हुए सांसद नवीन जैन ने कहा कि जब देश की प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी गांधी रही थीं, तब के विपक्ष के नेता पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी उनकी प्रशंसा की थी, लेकिन आज कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी विपक्ष की भूमिका में बैठ कर कमियां निकालने का कार्य कर रहे हैं। देश की खुशहाली, प्रगति, विकास उन्हें पसंद नहीं आ रहा है। जबकि स्वस्थ लोकतंत्र में सकारात्मक आलोचना और रचनात्मक सहयोग अपेक्षित होता है। कांग्रेस पार्टी को सत्ता का भूखा भेड़िया कहते हुए सांसद नवीन जैन कहते हैं कि कांग्रेसी सत्ता की प्राप्ति के लिए कुछ भी करने को राजी हो जाएंगे, चाहे इन्हें प्रधानमंत्री के खिलाफ या देश के खिलाफ कुछ भी बोलना पड़े, जो कि लोकतांत्रिक मूल्यों और जनभावनाओं के विपरीत है।

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