अब मथुरा स्टेशन के वेटिंग रूम की फाल सीलिंग गिरी, यात्रियों ने भागकर बचाई जान

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हादसे के वक्त विश्रामगृह में मौजूद थे कई यात्री, फैली दहशत

रेलवे के निर्माणों की आए दिन खुल रही कलई, जिम्मेदार मौन

आगरा रेल मंडल में एक सप्ताह के अंदर यह दूसरी घटना

मथुरा। उत्तर मध्य रेलवे के आगरा रेल मंडल के धार्मिक नगरी मथुरा में रविवार को उस समय हडकम्प मच गया, जब वेटिंग रूम का फाॅल सीलिंग भरभराकर ढह गई। स्लीपर क्लास वेटिंग रूम की सीलिंग गिरने से यात्रियों में दशहत फैल गई। किसी तरह भागकर उन्होंने अपनी जान बचाई। इस बार भी गनीमत रही कि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। हर बार जांच के नाम पर लीपापोती कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। किसी जिम्मेदार के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इससे लगता है कि रेलवे के अधिकारियों को शायद किसी बडे हादसे का इंतजार है।

आगरा रेल मंडल में विकास के नाम पर पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है, लेकिन यह विकास ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पा रहा है। स्टेशनों पर विकास कार्य तिनकों की तरह बिखर रहा है। पूर्व में आगरा फोर्ट टीटी रेस्ट हाउस के गिरे प्लास्टर का मामला अभी ठंडा भी नहीं पडा था कि रविवार को आगरा रेल मंडल के मथुरा स्टेशन के स्लीपर क्लास वेटिंग रूम में लगी फाॅल सीलिंग अचानक गिर गई। सीलिंग गिरते ही वहां मौजूद यात्रियों में भगदड मच गई। वह निकलकर बाहर आ गए। सूचना पर मथुरा रेलवे का स्टाफ मौके पर पहुंच गया। पीआरओ आगरा रेल मंडल प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि मथुरा स्टेशन के स्लीपर वेटिंग रूम को सील कर दिया गया है। सोमवार को इसकी मरम्मत कराई जाएगी।

गौरतलब है कि हाल के महीनों में रेलवे में इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी हैं। पिछले दिनों आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन के टीटी रेस्ट हाउस की छत का प्लास्टर भरभरा कर ढह गया। घटना के वक्त रेस्ट हाउस में कोटा डिवीजन के टीटी मौजूद थे। उन्होंने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई थी। इससे पहले ईदगाह स्टेशन के वेटिंग रूम का प्लास्टर गिरा था, जिसमें दो महिला यात्री जख्मी हुई थीं। उनके सिर में चोट लगी थी। रेलवे के अधिकारी हर बार जांच के नाम पर मामलों को टालते चले जा रहे हैं। घटना के लिए दोषियों के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब देखना होगा कि मथुरा स्टेशन की इस घटना के बाद भी रेलवे के जिम्मेदार अधिकारी दोषियों के खिलाफ कोई कदम उठाते हैं या फिर पूर्व की तरह जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

निरीक्षण में क्या देखते हैं अधिकारी

आगरा रेल मंडल में इस तरह के कई हादसे हो चुके हैं। इसके बाद भी रेलवे के आला अधिकारी कोई सबक नहीं ले रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर से रेलवे की मेंटीनेंस पर सवाल खडे कर दिए हैं। दरअसल रेलवे हर साल स्टेशन परिसर के आफिसों का मेंटीनेंस कराता है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जब-तब स्टेशन परिसर का मुआयना भी किया जाता है। इसके बाद भी इस तरह की घटना बडी लापरवाही की तरफ इशारा करती है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि निरीक्षण के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है।

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