बापू नगर खंदारी में जमीन पर कब्जे को लेकर हंगामा
दीवार बनने से मंदिर के लिए जाने का रास्ता हुआ बंद
महिलाओं ने जमकर की नारेबाजी, पुलिस पर भी आरोप
बगीची के आगे है बाबा साहेब और गांधी जी की प्रतिमा
आगरा। हरीपर्वत थाना क्षेत्र के बापू नगर खंदारी में बेशकीमती जमीन पर कब्जे को लेकर रविवार को हंगामा खडा हो गया। महिलाओं ने दिवाकर समाज की बगीची में बने मंदिर का रास्ता रोकने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। इलाके में तनाव व्याप्त हो गया। आसपाास की दुकानें बंद हो गईं। सूचना पर कई थानों का पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचा। किसी तरह लोगों को समझाया-बुझाया गया। सोम वार को जिलाधिकारी से मिलकर लोग अपना पक्ष रखेंगे।
खंदारी स्थित बापू नगर में दिवाकर समाज बगीची के सामने 809 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जे के लिए लघुवाद न्यायालय में वर्ष 1981 से वाद चल रहा था। वर्ष 2023 में कोर्ट ने वादी लोकेश गुप्ता आदि को कब्जा दिलाने का आदेश दिया था, लेकिन बगीची के बराबर में डाॅ. भीमराव आंबेडकर और महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थापित हैं। लोगों ने विरोध शुरु कर दिया। कई दिनों की जद्दोजहद के बाद मंगलवार को 12 फीट चैड़ा और 76 फीट लंबा रास्ता छोड़ दिया गया। इसी में ही दिवाकर समाज की बगीची में जाने के लिए रास्ता भी दिया गया। इसके बाद जमीन पर पुलिस फोर्स और कोर्ट अमीन की मौजूदगी में कब्जा दिलाया गया। फाटक के साथ ही दीवार खडी कर दी गई। इस कार्रवाई को गलत बताते हुए लोगों ने हंगामा कर दिया। पुलिस पर भी आरोप लगाए हैं।
क्षेत्र की महिलाओं का कहना था कि बगीची में शिवजी, हनुमान, काली माता का मंदिर है। लोग मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए जाते हैं। बगीची के मुख्य रास्ते को बंद कर दिया गया है। रविवार को महाशिवरात्रि थी। इसलिए महिलाएं पूजा के लिए आई थीं। बगीची के लिए जाने वाले मुख्य रास्ते को दीवार बनाकर बंद कर दिया है। बीच में बने गेट पर ताला लगा हुआ था। इससे आक्रोश फैल गया। महिलाओं ने हंगामा शुरु कर दिया। वह सड़क आ गईं। जाम के हालात बन गए। यहां पर पहले से पुलिस बल तैनात है। हंगामे की जानकारी पर आसपास के थानों के पुलिसबल के साथ ही एडीसीपी हिमांशु गौरव, सीओ एलआईयू सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
दिवाकर समाज की बगीची पर हंगामे की जानकारी पर कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमित सिंह के साथ ही अन्य पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए। बताया कि 50 साल से डा. भीमराव आंबेडकर और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा लगी हुई थीं। प्रतिमाओं के आगे दीवार खडी कर दी गई। मंदिर के चारों तरफ भी दीवार कर दी गई। ऐसे में लोग पूजा अर्चना तक नहीं कर पा रहे हैं। इसके लिए आंदोलन किया जा रहा है। इस संबंध में सोमवार को जिलाधिकारी से मुलाकात कर अपना पक्ष रखेंगे।
वहीं डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर कब्जा दिलाया गया। बगीची में जाने के लिए रास्ता भी छोड़ा गया है, लेकिन लोग पूर्व के रास्ते को ही खोलने की मांग कर रहे हैं। लोगों को कोर्ट का आदेश कई बार पढ़कर सुनया जा चुका है। आदेश के प्रति वितरित भी की गईं। लोगों को यह भी बताया गया है कि उक्त प्रकरण उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में विचाराधीन है। लोग प्रकरण के संबंध में उच्च न्यायालय इलाहाबाद में जा सकते हैं। लोगों के हंगामे को देखते हुए फोर्स लगाई गई है।



