उत्तर मध्य रेलवे ने अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार में गाड़े सफलता के झंडे, महाप्रबंधक को रेल मंत्री ने प्रदान कीं दो दक्षता शील्ड

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नई दिल्ली। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) ने नई दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में आयोजित अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार 2025 समारोह में शीर्ष संगठनात्मक और व्यक्तिगत पुरस्कार प्राप्त कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। भारतीय रेलवे के इस सर्वोच्च वार्षिक सम्मान को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा प्रदान किया गया।

उत्तर मध्य रेलवे के लिए यह एक गौरवशाली क्षण था, जब महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने पीसीएसटीई सत्येंद्र कुमार के साथ दो प्रतिष्ठित संगठनात्मक ट्राफियां प्राप्त कीं। इनमें टेलीकम्युनिकेशन एफिशिएंसी शील्ड (दूरसंचार दक्षता शील्ड) और सिग्नल एफिशिएंसी शील्ड शामिल हैं। ये पुरस्कार नेटवर्क में उच्च सुरक्षा मानकों को बनाए रखने और अत्याधुनिक संचार तकनीक को लागू करने में उत्तर मध्य रेलवे के उत्कृष्ट प्रदर्शन को मान्यता देते हैं।

उत्कृष्टता के व्यक्तिगत कीर्तिमान

समारोह में उत्तर मध्य रेलवे के उन पांच कर्मियों के असाधारण योगदान को भी सम्मानित किया गया, जिनके समर्पण ने भारतीय रेलवे के लिए नए मानक स्थापित किए हैं। अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार रेलवे कर्मचारियों के लिए एक शक्तिशाली प्रेरक के रूप में कार्य करता है। इस वर्ष उत्तर मध्य रेलवे की उपलब्धियां जोन की पेशेवर संस्कृति और राष्ट्र को सुरक्षित व तेज परिवहन अनुभव प्रदान करने के इसके मिशन का प्रमाण हैं।

इन्हें भी किया गया सम्मानित

आशुतोष शर्मा (डीवाई एफए एंड सीएओ)ः उन्हें महाकुंभ परिचालन के दौरान उनके कुशल वित्तीय प्रबंधन के लिए सम्मानित किया गया। लगभग 50 करोड़ के कार्यों की सूक्ष्म जांच के माध्यम से उन्होंने करीब 7 करोड़ की वसूली सुनिश्चित की, जो उनकी वित्तीय सत्यनिष्ठा को दर्शाता है।

कुश गुप्ता (डीवाई सीएसटीई)ः उन्हें रिकॉर्ड समय में परियोजनाओं को पूरा करने की श्रेणी के तहत मान्यता दी गई। उनके नेतृत्व में महत्वपूर्ण सिग्नल और टेलीकॉम परियोजनाओं को समय से पहले पूरा किया गया, जिससे जोन की परिचालन क्षमता में वृद्धि हुई।

धनंजय कुमार सिंह (एसआर डीएमई प्रयागराज)ः महाकुंभ के दौरान उनकी रणनीतिक योजना के लिए उन्हें सम्मानित किया गया। उन्होंने झांसी, ग्वालियर और आगरा सहित कई स्थानों पर 150 से अधिक रेक के रखरखाव का प्रबंधन किया। उनकी जीरो-डिटैचमेंट रणनीति ने सुनिश्चित किया कि आयोजन के दौरान कोई भी कोच रखरखाव के लिए हटाया न जाए।

सुष्मिता (एसआर एएलपी प्रयागराज)ः बनारस-आगरा कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन के दौरान उनकी सूझबूझ के लिए उन्हें पुरस्कृत किया गया। एक रोड-ट्रैफिक इंटरफेस पर देरी से मिले ग्रीन सिग्नल को भांपते हुए उन्होंने तत्काल आपातकालीन कार्रवाई की और एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया।

पर्वत जी (ट्रैकमैन-झांसी)ः रेलवे के इस फुट सोल्जर को उनकी सतर्कता के लिए सम्मानित किया गया। नियमित गश्त के दौरान उन्होंने पटरियों की असुरक्षित स्थिति का पता लगाया और तुरंत प्रशासन को सतर्क किया, जिससे संभावित हादसा रुक गया।

 

 

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