आगरा के ट्रांसपोर्ट कारोबारी फिरोजाबाद में पीट-पीटकर हत्या
व्यापारिक विवाद में साझेदार ने अपने भाई और पुत्रों के साथ मिलकर दिया वारदात को अंजाम
आगरा। शहर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी की फिरोजाबाद में उसके ही साझेदार ने रविवार सुबह अपने भाई और बेटों के साथ मिलकर पीट-पीटकर हत्या कर दी। हत्या की वजह व्यापारिक रंजिश माना जा रहा है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया। मृतक की पत्नी की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
आगरा के हाथीघाट इलाके के रहने वाले ट्रांसपोर्ट कारोबारी बालमुकुंद दुबे के साथ यह वारदात हुई। वह रविवार सुबह करीब चार बजे माल से लदे एक ट्रक को ककरऊ कोठी फिरोजाबाद स्थित ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट कंपनी के गोदाम पर खाली कराने गए थे। उनके साथ में ट्रक चालक सुभाष और दोस्त शंकर भी थे।
मृतक के दोस्त शंकर ने बताया कि बालमुकुंद के व्यापारिक साझेदार गजेंद्र सिंह निवासी ककरऊ कोठी थाना उत्तर बाइक पर सवार होकर अपने बेटे नितिन, अंकुर और भाई पिंटू के साथ आए और बालमुकुंद के साथ मारपीट कर दी। इसके बाद वे लोग बालमुकुंद को जैन मंदिर के पास स्थित जय मां भवानी ट्रांसपोर्ट कंपनी पर ले गए। यह ट्रांसपोर्ट कम्पनी बालमुकुंद और गजेंद्र सिंह की साझेदारी में पिछले 30 साल से संचालित है। वहां पर भी बाल मुकुंद के साथ मारपीट कर मरणासन्न हालत में छोडकर फरार हो गए। घायल बालमुकुंद को फिरोजाबाद के मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया। जहां उनकी मौत हो गई।
इंस्पेक्टर थाना उत्तर अंजीश कुमार सिंह ने बताया कि मृतक बालमुकुंद के शरीर पर खुली चोट का कोई निशान नहीं पाया गया। उनके पैरों में सूजन और चोट थी। संभावना है कि आरोपियों ने उनके पैरों में लाठी-डंडों से प्रहार किया। अत्याधिक प्रहार के कारण शरीर के अंदर से ही रक्त का स्राव हुआ और उनकी मौत हो गई।
तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया, पत्नी रो-रोकर बेसुध
बालमुकुंद के परिवार में दो बेटी, एक बेटा और पत्नी रूपम है। पति की हत्या के बाद से सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने बताया कि हत्यारोपियों की तलाश में पुलिस की तीन टीम लगी हैं। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। पत्नी ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। शव पोस्टमार्टम के बाद परिजन को सौंप दिया गया है।
लेनदेन पर बिगड़ी बात
सीओ सिटी प्रवीण तिवारी ने बताया कि पुलिस की जांच में सामने आया कि बालमुकुंद और गजेंद्र सिंह 30 साल से व्यापारिक साझेदार थे। साझेदारी वाली ट्रांसपोर्ट कंपनी जय मां भवानी के फिरोजाबाद कार्यालय को गजेंद्र सिंह और हाथीघाट वाले कार्यालय को बालमुकुंद संभालते थे। दोनों के बीच अच्छी दोस्ती थी। ट्रांसपोर्ट कारोबार से पहले भी दोनों साथ काम करते थे। मृतक बालमुकुंद की पत्नी रूपम ने पुलिस को बताया कि पिछले कुछ समय से गजेंद्र की पैसों पर नीयत खराब हो गई। कमाई के पूरे हिस्से को वह खुद हड़प जाता था। इसी विवाद में पति बालमुकुंद ने आगरा से लोड होने वाले माल को दूसरी ट्रांसपोर्ट पर उतारना शुरू कर दिया था। रविवार को भी यही हुआ। आल इंडिया ट्रांसपोर्ट कंपनी, ककरऊ कोठी पर आगरा से लदे माल को उतारा जा रहा था। इसी का विरोध करने गजेंद्र अपने बेटों, भाई के साथ आया था। उसने आते ही पति के साथ अभद्रता, गाली-गलौज की। इसके बाद हत्या की धमकी देने लगे। पति ने विरोध किया तो उनके साथ गजेंद्र, उसके बेटे नितिन, अंकुर और भाई पिंटू ने मारपीट की। इसके बाद पति को लेकर जय मां भवानी ट्रांसपोर्ट कंपनी के कार्यालय ले गए। वहां पर पीट-पीट कर हत्या कर दी।
