लखनऊ में मोदी ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का किया उद्घाटन
अटल जयंती पर राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर 3 महापुरुषों की 65 फीट ऊंची प्रतिमाओं का किया अनावरण
पीएम बोले, पहले एक परिवार की मूर्तियां लगती थीं, आज हर विभूति को मिल रहा सम्मान
लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन किया। यहां उन्होंने जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की मूर्तियों का अनावरण करके पुष्पांजलि अर्पित की। इस मौके पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप्र भाजपा के नए अध्यक्ष पंकज चैधरी भी मौजूद रहे।
पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्र प्रेरणा स्थल के रूप में लखनऊ को एक ऐतिहासिक सौगात दी। 65 एकड़ में फैले इस परिसर का लोकार्पण करते हुए पीएम मोदी ने भारतीय राजनीति के तीन स्तंभों अटल बिहारी वाजपेयी, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 65 फीट ऊंची विशाल कांस्य प्रतिमाओं का अनावरण किया। प्रधानमंत्री ने इन प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया।
लोकार्पण के पश्चात प्रधानमंत्री ने परिसर में बने अत्याधुनिक म्यूजियम और विभिन्न गैलरियों का गहराई से अवलोकन किया। उन्होंने विशेष रूप से बंगाल विभाजन की विभीषिका को दर्शाने वाली गैलरी को देखा और जनसंघ से लेकर भाजपा तक की विकास यात्रा वाली दीर्घाओं का निरीक्षण किया। लगभग 232 करोड़ रुपये की लागत से बने इस स्थल के बारे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री को विस्तार से जानकारी दी कि कैसे एक समय डंपिंग ग्राउंड रहे इस इलाके को राष्ट्र की प्रेरणा के केंद्र में बदला गया।
प्रधानमंत्री को सुनने के लिए लखनऊ और आसपास के जिलों (हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, सीतापुर और बाराबंकी) से लगभग डेढ़ लाख से अधिक लोग पहुंचे। इस भारी भीड़ को लाने-ले जाने के लिए प्रशासन द्वारा लगभग 2500 बसों की व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम स्थल के आसपास बसों का लंबा काफिला किसी मेले जैसा लग रहा था। लोगों की सुविधा के लिए 13 बड़े पार्किंग जोन बनाए गए थे, जहां हजारों की संख्या में बसें और निजी वाहन खड़े किए गए। इस दौरान उत्तर प्रदेश भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में हुए बदलाव के बाद पीएम मोदी का यह प्रदेश का पहला दौरा था। इस दौरान संगठन और सरकार का यह साझा समन्वय कार्यक्रम में स्पष्ट दिखाई दिया।
उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और वैचारिक पहचानः योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में इस पार्क को उत्तर प्रदेश की नई वैचारिक पहचान बताया। उन्होंने कहा कि यह स्थल केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रवाद की पाठशाला बनेगा। पार्क में बना एम्फीथिएटर, योग केंद्र और म्यूजियम इसे पर्यटन के साथ-साथ ज्ञान का भी केंद्र बनाएंगे।


