इच्छापूर्ति की चाह वृद्ध को पड़ी महंगी, बमुश्किल बची जान
साधु की बातों में आकर की गलती, रातभर सहा दर्द,
सुबह बेटे को बताया, चिकित्सकों ने छल्ला निकाला
फिरोजाबाद। अंधविश्वास एक बार फिर जान पर भारी पड़ता दिखाई दिया। फिरो जाबाद के दक्षिण थाना क्षेत्र के मोहल्ला छोटी छपैटी में एक 65 वर्षीय वृद्ध ने इच्छापूर्ति के लिए प्राइवेट पार्ट्स में लोहे का छल्ला पहन लिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। छल्ला फंसने से सूजन आने के साथ लघुशंका करने तक में दिक्कत होने लगी। गंभीर हालत में परिजन उसे रविवार सुबह सरकारी ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सक ने काफी मशक्कत के बाद छल्ला निकालकर मरीज को राहत दिलाई।
मोहल्ला छोटी छपैटी निवासी वृद्ध स्टेशनरी की दुकान चलाते हैं। शनिवार को उसकी दुकान पर पहुंचे एक साधु ने उसे एक छल्ला दिया था। साधु की बातों में आकर वृद्ध ने छल्ला पहन लिया। रात भर दर्द और बेचैनी से वृद्ध परेशान रहा। रविवार सुबह उसने इसकी जानकारी अपने बेटे को दी। बेटा उन्हें उपचार को सरकारी ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचा। ईएमओ और सर्जन डॉ. आरपी सिंह के नेतृत्व में ओटी टेक्नीशियन कृष्णकांत, वीरेश, पुष्पेंद्र और संदीप ने मिलकर करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद फंसे लोहे के छल्ले को निकाला।
