ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत आरपीएफ ने 742 भटके बच्चों को परिजनों से मिलाया

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आगरा रेल मंडल में आरपीएफ ने चार सालों में हासिल की बडी कामयाबी

परिजनों से बिना बताए घर ने निकले 742 बच्चों को आरपीएफ ने बचाया

आगरा। आॅपरेशन नन्हें फरिश्ते के तहत आगरा रेल मंडल में आरपीएफ ने पिछले चार सालों में 742 बच्चों को उनके परिजनों से मिलाने में अहम भूमिका निभाई। पिछले 4 वर्षों (2022-अक्टूबर 2025) के दौरान, आरपीएफ ने आगरा मंडल के विभिन्न स्टेशनों, ट्रेनों और रेल परिसर में खतरे में पड़े 742 बच्चों को बचाया। इनमें 439 लड़के और 303 लड़कियां शामिल हैं।

जो बच्चे किसी झगड़े या पारिवारिक मुद्दों के कारण या बेहतर जीवन या शहर की चकाचैंध आदि की तलाश में अपने परिवार को बताए बिना रेलवे स्टेशनों पर आते हैं, उन्हें प्रशिक्षित आरपीएफ कर्मियों द्वारा ढूंढा जाता है। ये प्रशिक्षित आरपीएफ कर्मी बच्चों से जुड़ते हैं, उनकी समस्याओं को समझते हैं और उन्हें अपने माता- पिता से दोबारा मिलने के लिए सलाह देते हैं। कई माता-पिता रेलवे की इस नेक सेवा के लिए अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।

इस अभियान के तहत रेलवे ने मंडल रेल प्रबंधक आगरा गगन गोयल के निर्देशन और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त आगरा पी राज मोहन की अगुवाई में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) का आॅपरेशन नन्हे फरिश्ते मिशन के तहत अक्टूबर 2022 से 2025 के दौरान आरपीएफ ने आगरा मंडल के विभिन्न स्टेशनों और ट्रेनों और रेल परिसर में खतरे में पड़े 742 बच्चों को बचाया। इनमें 439 लड़के और 303 लड़कियां दोनों शामिल हैं। वर्ष 2022 में आरपीएफ के प्रयासों से 316 बच्चों को बचाया गया। इनमें 220 लड़के और 96 लड़कियां शामिल रहीं। वर्ष 2023 के दौरान कुल 147 बच्चों को बचाया गया। इनमें 78 लड़के और 69 लड़कियां शामिल थीं। वर्ष 2024 के दौरान कुल 142 बच्चों को बचाया गया। इनमें 71 लड़के और 71 लड़कियां शामिल रहीं। जबकि वर्ष 2025 अक्टूबर माह तक बचाए गए 137 बच्चों में 70 लड़के और 67 लड़कियां दोनों शामिल हैं।

नन्हे फरिश्तेएक ऑपरेशन से कहीं अधिक उन हजारों बच्चों के लिए एक जीवन रेखा है जो खुद को अनिश्चित परिस्थितियों में पाते हैं। यह रेलवे सुरक्षा बल के अटूट समर्पण, अनुकूलनशीलता और संघर्ष क्षमता की कहानी दर्शाता है। आरपीएफ ने अपने प्रयासों से न केवल बच्चों को बचाया है, बल्कि घर से भागे हुए और लापता बच्चों की दुर्दशा के बारे में जागरूकता भी बढ़ाई है। आरपीएफ के इस ऑपरेशन का दयारा लगातार बढ़ रहा है। रेलवे रोज नई चुनौतियों का सामना कर भारत के विशाल रेलवे नेटवर्क में बच्चों के लिए एक सुरक्षित वातावरण बनाने का प्रयास कर रहा है। ट्रैक चाइल्ड पोर्टल पर बच्चों की पूरी जानकारी उपलब्ध रहती है।

 

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