अगले साल फिर मिलने के वादे के साथ सम्पन्न हुआ मीट एट आगरा
तीन दिवसीय फुटवियर महाकुंभ में हुआ 18.5 हजार करोड़ का कारोबार
19,420 विजिटर्स की सहभागिता ने फुटवियर महोत्सव ने रचा इतिहास
अगले वर्ष 3, 4 और 5 अक्टूबर को होगा फुटवियर मेले का आयोजन
आगरा। फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग एक्सपोर्टर्स चैम्बर (एफमेक) का तीन दिवसीय मीट एट आगरा फुटवियर ट्रेड फेयर का समापन रविवार को नई उपलब्धियों और संभाव नाओं के साथ हुआ। अगले वर्ष 3, 4 और 5 अक्टूबर को फिर मिलने के वादे के साथ सम्पन्न हुए इस आयोजन ने फुटवियर उद्योग को नई दिशा दी। साथ ही देश-विदेश के कारोबारियों को एक मंच पर जोडने में सफलता हासिल की।
इस वर्ष मेले में कुल 19 हजार से अधिक विजिटर्स ने भाग लिया। इनमें बिजनेस विजिटर्स, भावी उद्यमी, विद्यार्थी और देशभर के सैकड़ों उद्योगपति शामिल रहे। एफ मेक अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने कहाकि यह आयोजन न केवल व्यापारिक दृष्टि से सफल रहा बल्कि उद्यमियों के लिए भी प्रेरणादायक रहा है। इस बार फुटवियर इंडस्ट्री में लगभग 18,500 करोड़ रुपये के कारोबार की नींव रखी गई, जो भारत की औद्योगिक प्रगति का स्पष्ट संकेत है।
डीसीएफएलआई के चेयरमैन पूरन डावर ने कहाकि फुटवियर सिर्फ एक प्रोडक्ट नहीं बल्कि यह विश्व की अर्थव्यवस्था का इंजन है। भारत आज विश्व का तीसरा सबसे बड़ा फुटवियर उत्पादक देश है। यह आयोजन दर्शाता है कि भारतीय उद्योग अब केवल अपने लक्ष्यों को हासिल नहीं कर रहा, बल्कि खुद को विश्व नेतृत्व की पंक्ति में स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है। राजीव वासन ने कहाकि मीट एट आगरा फुटवियर कंपोनेंट्स इंडस्ट्री के लिए मील का पत्थर साबित हुआ है। इसने प्रतिभागियों को नई तकनीकों से परिचित कराया और उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया है।
कैप्टन एएस राणा ने कहाकि ऐसे आयोजनों में खरीदारी भले ही कम होती हो, लेकिन बिजनेस कॉन्ट्रैक्ट्स का वॉल्यूम उद्योग की आर्थिक क्षमता का प्रमाण है। इस मौके पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एग्जीबिटर्स को सम्मानित किया गया। इस मौके पर प्रदीप वासन, आगरा शू फेक्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष विजय सामा, कुलदीप कोहली, सीफी के प्रदेश अध्यक्ष ओपिंदर सिंह लवली, सुनील जोशन, अनिरुद्ध तिवारी, चंद्र मोहन सचदेवा, माला खेड़ा, संकल्प अग्रवाल आदि मौजूद रहे। व्यवस्थाएं अजय शर्मा, ब्रजेश शर्मा, अविनाश वर्मा, रोहित रैकवार आदि ने संभालीं।



