सोनिया गांधी बोलीं, यह न्यायपालिका के सम्मान पर हमला!
सीजेआई पर जूता फेंकने की घटना को बताया संविधान पर आघात
नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई घटना की निंदा की है, जिसमें एक वकील ने भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर जूता फेंककर हमला करने की कोशिश की। सोनिया गांधी ने बयान में कहा कि भारत के मुख्य न्यायाधीश पर सर्वोच्च न्यायालय में हुए हमले की निंदा करने के लिए कोई भी शब्द पर्याप्त नहीं है। यह न केवल उन पर, बल्कि हमारे संविधान पर भी हमला है। मुख्य न्यायाधीश गवई बहुत दयालु रहे हैं, लेकिन पूरे देश को गहरी पीड़ा और आक्रोश के साथ उनके साथ एकजुटता से खड़ा होना चाहिए। यह बयान वकील राकेश किशोर द्वारा कथित तौर पर अदालती कार्यवाही के दौरान मुख्य न्यायाधीश गवई पर जूता फेंकने के बाद आया है, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक लिया।
सीजेआई पर हमले के आरापी का लाइसेंस निलंबित
भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर हमले की कोशिश के बाद, बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने अधिवक्ता राकेश किशोर का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अदालती कार्यवाही के दौरान मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने का प्रयास करने वाले किशोर को आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई तक देश भर की किसी भी अदालत, न्यायाधिकरण या कानूनी प्राधिकरण में वकालत करने से रोक दिया गया है। एक कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा, जिसमें अधिवक्ता को आदेश प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर जवाब देना होगा, जिसमें यह बताना होगा कि निलंबन जारी क्यों नहीं रखा जाना चाहिए और आगे की कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए।
दिल्ली बार काउंसिल को बिना किसी देरी के आदेश लागू करने का निर्देश दिया गया है। इसमें वकील की स्थिति को अपनी आधिकारिक सूची में अपडेट करना और अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली सभी अदालतों और न्यायाधिकरणों को निलंबन के बारे में सूचित करना शामिल है। इससे पहले, दिन में सुप्रीम कोर्ट में उस समय कोर्टरूम ड्रामा शुरू हो गया जब एक वकील ने सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने की कोशिश की। कोर्टरूम से बाहर ले जाते समय राकेश किशोर ंने चिल्लाकर कहाकि भारत सनातन धर्म का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा।
