दो साल से कम के बच्चों को न पिलाएं कफ सीरफ, 11 बच्चों की मौत के बाद सरकार ने जारी की एडवाइजरी

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नई दिल्ली। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में 11 बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) ने छोटे बच्चों को कफ सिरप देने के खिलाफ चेतावनी जारी की है। मध्य प्रदेश का छिंदवाड़ा जिला पिछले एक पखवाड़े में किडनी फेल होने से नौ बच्चों की मौत से स्तब्ध है। मध्य प्रदेश और पड़ोसी राज्य राजस्थान, जहां कुछ दिन पहले सीकर में भी ऐसी ही एक मौत हुई थी। जिसके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों को अब संदेह है कि अंगों के फेल होने के ये मामले दूषित कफ सिरप के सेवन से जुड़े हैं।

मरने वाले नौ बच्चों में से कम से कम पांच को कोल्ड्रेफ लेने का इतिहास था और एक ने नेक्सट्रो सिरप लिया था। निजी डॉक्टरों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी वायरल मरीज का निजी तौर पर इलाज न किया जाए, बल्कि उसे सीधे सिविल अस्पताल भेजा जाए। इन दुखद घटनाओं के बाद डेक्सट्रो मेथॉर्फन हाइड्रोब्रोमाइड सिरप के बैचों की तत्काल जांच की गई और राज्य भर में उनके वितरण पर रोक लगा दी गई। फिलहाल, सर्दी, बुखार और फ्लू जैसे लक्षणों से प्रभावित 1,420 बच्चों की सूची पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

हालांकि, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहाकि जिन कफ सिरप को इन मौतों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है, उनके नमूनों में कोई मिलावट नहीं पाई गई। मंत्रालय ने कहाकि जांच के नतीजों से पुष्टि हुई है कि सिरप में डायथिलीन ग्लाइकॉल (डीईजी) या एथिलीन ग्लाइकॉल (ईजी) नहीं था, जो किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचाने वाले रसायन माने जाते हैं।

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