खेरागढ में ऊंटगन नदी में 11 युवक डूबे, मचा कोहराम
देवी मूर्ति विसर्जन के बाद कर रहे थे स्नान
रेस्क्यू अभियान में देरी पर गुस्साए ग्रामीण
खेरागढ-बसई नबाब मार्ग पर लगाया जाम
आगरा। खेरागढ़ क्षेत्र में गुरुवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। देवी विसर्जन को गए गांव कुसियापुर निवासी युवक ऊंटगन नदी में नहाने उतर गए। इसी दौरान नदी के तेज बहाव और गहराई अधिक होने के चलते 11 युवक डूब गए। मौके पर कोहराम मच गया। रेस्क्यू अभियान में देरी होने के चलते गुस्साए ग्रामीणों ने खेरागढ़ से बसई नवाब जाने वाले मार्ग पर डूंगरवाला के पास जाम लगा दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि अगर समय पर मदद पहुंचती तो युवकों को तुरंत बाहर निकाला जा सकता था।


गांव कुसियापुर में दुर्गा महोत्सव के तहत देवी मूर्ति स्थापित की गई थीं। गुरुवार को गांव के महिला-पुरुष धूमधाम से देवी मूर्ति को विसर्जित करने के लिए ऊंटगन नदी पर पहुंचे थे। देवी मूर्ति विसर्जन के बाद गांव के युवक ऊंटगन नदी में नहाने लगे। इसी बीच एक के बाद एक 11 युवक गहराई अधिक होने के कारण नदी में डूब गए। वहां मौजूद ग्रामीणों ने युवकों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।

जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में नदी किनारे लोगों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों के सहयोग से पुलिस ने गंभीर हालत में तीन युवकों को बाहर निकला। इनमें ओमपाल पुत्र रमेश चंद (25) और गगन पुत्र माधव सिंह (24) की मौत हो चुकी है। वहीं, सचिन पुत्र विष्णु (20) को गोताखोरों ने जीवित बाहर निकाला, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। दोपहर करीब दो बजे हुए हादसे के बाद पुलिस को सूचना दी गई। दो घंटे बाद भी रेस्क्यू टीम के मौके पर नहीं पहुंचने पर गुस्सा ग्रामीणों ने खेरागढ़ से बसई नवाब जाने वाले मार्ग पर जाम लगा दिया। जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
इनकी तलाश जारी
उटंगन नदी में डूबे हरेश पुत्र माधव सिंह (20), अभिषेक पुत्र कुमार पाल (16), भगवती पुत्र मुरारी लाल (22), ओके पुत्र किशन सिंह (16), सचिन पुत्र रामवीर (16), सचिन पुत्र अतरा (17), गजेंद्र पुत्र रेवती (20), दीपक पुत्र सुक्कन (15) का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। देर शाम तक गोताखोर तलाश में जुटे हुए थे।
