खून और पानी साथ नहीं तो बल्ला-गेंद कैसे?
एनसीपी-सीपी सांसद सुप्रिया सुले ने भारत-पाक मैच पर किया केंद्र से तीखा सवाल
मुंबई। एनसीपी-एसपी सांसद सुप्रिया सुले ने गुरुवार को भारत बनाम पाकिस्तान एशिया कप मैच पर केंद्र सरकार के रुख पर आश्चर्य जताते हुए पूछा कि अगर खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते, तो बल्ला और गेंद एक साथ कैसे आ गए। सुप्रिया सुले ने संवाददाताओं से कहाकि मैं भारत-पाकिस्तान मैच पर सरकार के रुख से स्तब्ध हूं।एक तरफ, वे कहते हैं कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते तो यह मैच कैसे हो रहा है? अगर खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते, तो बल्ला और गेंद एक साथ कैसे आ सकते हैं?
सुले ने भारत बनाम पाकिस्तान मैच पर संजय राउत के विरोध के मुद्दे पर बात की और कहाकि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। सुले ने कहाकि मुझे नहीं पता कि संजय राउत और शिवसेना यूबीटी कोई विरोध प्रदर्शन करने जा रहे हैं या नहीं। मैं गठबंधन के सदस्यों से बात करूंगी। भारत और पाकिस्तान 14 सितंबर को एशिया कप 2025 के मैच में आमने-सामने होंगे। इस मुकाबले ने भारत में विपक्षी दलों के बीच रोष पैदा कर दिया है क्योंकि वे पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ खेलने को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।
इससे पहले, शिवसेना (यूबीटी) ने एशिया कप 2025 में होने वाले आगामी भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच का विरोध करने की घोषणा की थी। पार्टी सांसद संजय राउत ने पड़ोसी देश के खिलाफ खेलने के फैसले को देशद्रोह और बेशर्मी करार दिया। पत्रकारों से बात करते हुए राउत ने कहा कि हम भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच का विरोध करेंगे। महिलाएं सड़कों पर उतरेंगी और हमारा अभियान सिंदूर रक्षा अभियान है। आपने कहा था कि पानी और खून साथ-साथ नहीं बहेंगे। अगर पानी और खून साथ-साथ नहीं बहेंगे, तो खून और क्रिकेट साथ-साथ कैसे चलेंगे? यह देशद्रोह है, बेशर्मी है।
शिवसेना यूबीटी सांसद ने इस मैच को होने देने में संघ परिवार की भूमिका पर सवाल उठाया और कहा कि उन्हें खेलों से ज्यादा राष्ट्रीय भावनाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब पहलगाम पीड़ितों के परिवारों का दर्द, दुख और गुस्सा अभी भी बना हुआ है, तो सरकार पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच की अनुमति कैसे दे सकती है।
