एसएन में निर्माण कार्याें में खामियां देख भडके डीएम मनीष बंसल, सख्त लहजे में बोले, आज से दिन काउंट कर लीजिए, 15 दिन बाद फिर आऊंगा

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औचक निरीक्षण में एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी सेवाओं से संतुष्ट दिखे जिलाधिकारी

लेडी लॉयल अस्पताल और मेडिकल कॉलेज ब्लॉक में कार्य की धीमी गति पर लगाई कड़ी फटकार

यूजी-पीजी हॉस्टल की धीमी कार्य गति और मानक में खामियां मिलने पर प्रोजेक्ट मैनेजर को फटकारा

आगरा। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने शनिवार को एसएन मेडिकल कॉलेज का निरी क्षण किया। जहां इमरजेंसी सहित अन्य मेडिकल विभागों में तो व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं, लेकिन लेडी लायल और हाॅस्टल निर्माण कार्य की धीमी गति और मानकों से खिलवाड को देख जिलाधिकारी भडक गए। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि आज से दिन काउंट कर लीजिए, मैं दोबारा निरीक्षण करूंगा। 15 दिन में प्रगति नहीं हुई तो शासन मेकड़ी कार्यवाही के लिए लिख कर भेजा जाएगा।

जिलाधिकारी सबसे पहले इमरजेंसी पहुंचे। जहां सर्जरी विभाग, अस्थि रोग, बाल रोग अनुभाग, पीडियाट्रिक, पैथोलॉजी, क्रिटिकल वार्ड, ब्लड लैबोरेटरी, सीटी स्कैन और ओटी आदि का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने एक्सरे, सीटी स्कैन मशीन का संचालन, प्रतिदिन मरीजों की संख्या, मरीजों से लिए जा रहे चार्ज के बारे में जानकारी ली। जिलाधिकारी को इमरजेंसी में व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं। इसके बाद जिलाधिकारी एसएन मेडिकल कॉलेज परिसर में निर्माणाधीन लेडी लॉयल अस्पताल विस्तारीकरण फेज-1 और मेडिकल ब्लॉक के कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे। यहां पर उन्होंने ले-आउट व साइट प्लान देखा और समय सीमा के बारे में जानकारी ली। बताया गया कि मई 2025 से शुरू हुआ कार्य मई-2027 में पूरा होना है। निर्माण कार्य प्रगति के बारे में बताया गया कि मौके पर लगभग 35 प्रतिशत कार्य हुआ है। इस जिलाधिकारी ने प्रोजेक्ट मैनेजर को तलब किया और कार्य में हो रहे बिलंब के लिए कडी फटकार लगाई। बिलंब का कारण बरसात के मौसम में अपेक्षा अनुरूप कार्य न होना, एनजीटी द्वारा कैंपस में स्थित 280 पेड़ को हटाए जाने में अवरोध और होली त्यौहार के बाद लेबर की कमी रहना बताया। बताया गया कि जल्द ही श्रमिकों की संख्या बढ़ा कर कार्य में प्रगति लाई जाएगी। जिलाधिकारी ने होली के लगभग 2 माह बाद भी कम श्रमिकों की संख्या पर जवाब-तलब किया। अनुमन्य श्रमिकों के बारे में बताया गया कि 800 श्रमिकों के स्थान पर 350 श्रमिक कार्य कर रहे हैं। इस जिलाधिकारी ने 15 दिन की समय सीमा तय करते हुए श्रमिकों की संख्या बढ़ाने और समय सीमा में गुणवत्तायुक्त निर्माण पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

एसएन मेडिकल ब्लॉक के निर्माण कार्य के निरीक्षण में बताया गया कि 1 ब्लॉक तैयार हुआ है और 21 प्रतिशत कार्य पूर्ण है। जिलाधिकारी ने निर्माणदायी संस्था को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि आज से दिन काउंट कर लीजिए, मैं दोबारा निरीक्षण करूंगा। 15 दिन में प्रगति नहीं दिखाई दी तो शासन में कार्यवाही के लिए लिख कर भेजा जाएगा। इसके बाद जिलाधिकारी ने एसएन मेडिकल कॉलेज परिसर में निर्माणाधीन यूजी-पीजी हॉस्टल के किए गए निरीक्षण गुणवत्ता के साथ अनेक खामियां मिलीं। इस पर जिलाधिकारी ने कार्य की प्रगति की जानकारी ली तो बताया गया कि जून 2026 तक कार्य पूर्ण होना था। विगत 2 वर्ष में 50 प्रतिशत कार्य हुआ। इस पर जिलाधिकारी ने साइट इंचार्ज को तलब किया। बताया गया कि मेट्रो प्रोजेक्ट के कारण जमीन प्राप्त होने में 6 माह की देरी हुई है। मौके पर कार्य गुणवत्ता मानक के अनुरूप न होने पर जिलाधिकारी ने समय-समय पर की गई जांच रिपोर्ट की जानकारी ली, जिसमें बताया गया कि आईआईटी कानपुर की जांच रिपोर्ट लंबित है।

जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन 7 मंजिला पीजी हॉस्टल ब्लॉक के 6 मंजिलों के कार्य को स्वयं ऊपर चढ़ कर देखा। उन्होंने सीडीओ को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय सीमा के तहत कार्य पूरा किए जाने के लिए एक जिला स्तरीय कमेटी गठित कर निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग, निगरानी कर प्रतिमाह प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधोमानक पाए गए कार्यों की जिम्मेदारी तय कर तत्काल श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कार्य स्थल पर वायु प्रदूषण (धूल) की रोकथाम के पर्याप्त उपाय न मिलने पर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्माण स्थल पर ट्रांसपोर्टेशन प्लान के अनुसार कार्य करने और बिखरी पड़ी निर्माण सामग्री को सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज के सुपरस्पेशलिटी ब्लॉक के निरीक्षण में वहां दी जा रहीं सुविधाओं के बारे में मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल से जानकारी ली। उन्होंने रेडियोलॉजी, डायलिसिस, न्यूरोलॉजी, हेपेटाइटिस, ओटी सहित विभिन्न चिकित्सीय अनुभागों का निरीक्षण कर मरीजों और उनके तीमारदारों से भी सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। सुपरस्पेशलिटी ब्लॉक में इलाज कराने आने वाले आगरा से बाहर के मरीजों के बारे में बताया गया कि लगभग 40 प्रतिशत मरीज आस-पास के जिलों से इलाज के लिए आते है। निरीक्षण में सीडीओ प्रतिभा सिंह, सीएमओ डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव, एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. प्रशांत गुप्ता, निर्माणदाई संस्थाओं के अभियंता आदि मौजूद रहे।

 

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