ट्रेड टैक्स वापस नहीं हुआ तो सडकों पर उतर आगरा के जूता कारोबारी करेंगे चक्का जाम
नगर निगम को एक मई तक दिया गया अल्टीमेटम
आगरा। नगर निगम आगरा द्वारा लगाए गए ट्रेड टैक्स को अगर वापस नहीं लिया गया तो जूता कारोबारी सडकों पर उतरकर आंदोलन को बाध्य होंगे। उनका कहना था कि मंदी और महंगाई से जूझ रहे आगरा के जूता कारोबार पर अब नगर निगम के ट्रेड टैक्स ने संकट को और गहरा कर दिया है। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि अगर एक मई तक यह टैक्स वापस नहीं लिया गया तो एमजी रोड पर चक्का जाम कर आंदोलन किया जाएगा।
आगरा शू फैक्टर्स फैडरेशन, भीम युवा व्यापार मंडल और भीम युवा व्यापार संगठन की संयुक्त बैठक हींग की मंडी स्थित आगरा शू फैक्टर्स फैडरेशन कार्यालय में हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए फैडरेशन के अध्यक्ष विजय सामा ने कहाकि जिले में करीब साढ़े तीन लाख परिवार सीधे तौर पर जूता उद्योग से जुड़े हैं, जिनकी रोजी -रोटी इस फैसले से प्रभावित हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक मई मजदूर दिवस तक ट्रेड टैक्स वापस नहीं लिया गया, तो हजारों व्यापारी, मजदूर और कारीगर शहीद स्मारक से नगर निगम तक सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करेंगे।
भीम युवा व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रदीप पिप्पल ने कहाकि खाड़ी में चल रहे युद्ध के कारण कच्चे माल की कीमतों में 30 से 100 प्रतिशत तक की वृद्धि हो चुकी है। ऐसे में राहत देने के बजाए नगर निगम नए कर थोप रहा है, जो व्यापारियों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहाकि 25 कारीगरों से कम वाले छोटे कारखानों को पहले रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं होती थी, लेकिन अब उन पर भी शुल्क लगाया जा रहा है, जो छोटे उद्यमियों के लिए बड़ा झटका है। फैडरेशन अध्यक्ष विजय सामा ने कहाकि 25 से कम कारीगरों वाले कारखानों पर भी शुल्क लगाना आर्थिक उत्पीड़न है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में अजय महाजन, मनप्रीत सिंह, अनिल लाल, प्रमोद गुप्ता, प्रदीप मेहरा, घन श्याम दास बोहरा, वासूदेव मूलचंदानी, बाबू भाई, डब्बू भाई, प्रमोद जैन, सुधीर महाजन, अतुल कर्दम, रूपेश, करन सिंह, विजय पिप्पल, सुरेन्द्र पिप्पल, जितेश कुमार सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।
