आगरा में आंधी-बारिश ने ढाया कहर, फतेहपुर सीकरी में दो कच्चे मकान ढहे, कई घायल
आंधी ने थाम दी शहर में वाहनों की रफ्तार, जहां-तहां रुके लोग
शहर की बिजली हुई छिन्न-भिन्न, कई इलाके अंधेरे में डूबे
आगरा। ताजनगरी में शुक्रवार रात को मौसम ने अचानक करवट ली। रात करीब नौ बजे अचानक तेज आंधी कि साथ बारिश की तेज बौछारों ने शहर की जहां रफ्तार थाम दी। वहीं जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। तेज हवाओं ने शहर की बिजली व्यवस्था छिन्न-भिन्न कर दी। इससे पूरा शहर घंटों अंधेरे में डूब रहा। आंधी में तमाम होर्डिंग्स-बैनर और पेड धराशायी हो गए। वहीं देहात क्षेत्र में कई घ्वस्त हुए मकानों के मलबे में दबकर लोग घायल हो गए।
आंधी के साथ बारिश ने शहर से लेकर देहात तक कई इलाकों में कहर बरपाया। फतेहपुर सीकरी में आंधी और बारिश के चलते गांव मई बुजुर्ग में दो कच्चे मकानो की छत ढह गई। धमाके के साथ ढही छतों की अवाज से गांव में अफरा-तफरी फैल गई। मलबे में दबकर आधा दर्जन लोग घायल हो गए। ग्रामीणों ने भीगते हुए पुलिस की मदद मलबे में दबे लोगों को किसी तरह निकालकर उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि सड़कों पर वाहनों का चलना मुश्किल हो गया। लोग जहां के तहां सुरक्षित जगहों पर आंधी-बारिश के रुकने का इंतजार करते रहे। कई जगहों पर पेड़ या होर्डिंग टूटकर गिरे दिखाई दिए। बाजारों में मौजूद लोग भी घरों की ओर लौटते नजर आए। तेज हवाओं के साथ आसमान में बिजली भी लगातार कड़कती रही। बारिश शुरू होने के बाद हवा की रफ्तार कम हुई। अचानक बदले मौसम ने एक बार फिर मौसम को खुशगवार बना दिया।
बारिश ने किसानों के माथे पर चिंता की शिकन ला दी। इन दिनों गेहूं की फसल की कटाई चल रही है और कटी हुई फसल खेतों में ही पड़ी है, जिसके खराब होने की आशंका बनी हुई है।



