बुलेट ट्रेन और वंदे भारत के लिए रेल पटरियों की सुरक्षा अब करेगी राइट्स
प्रयागराज। हाईस्पीड और बुलेट ट्रेन के दौर में रेल पटरियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। रेलवे बोर्ड ने देश भर में ट्रैक की मजबूती और गुणवत्ता जांच के लिए सिंगल विंडो व्यवस्था लागू की है। अब पटरियों के कंक्रीट स्लीपर और फिटिंग उपकरणों की जांच की जिम्मेदारी सिर्फ राइट्स लिमिटेड (रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस) की होगी।
वंदे भारत जैसी ट्रेनों की 160 से 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। अब तक इरकान और आरवीएनएल जैसी एजेंसियां अलग- अलग मानकों पर जांच करती थीं, जिससे गुणवत्ता में अंतर की शिकायतें आती थीं। रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (ट्रैक) अनुराग कुमार ने एनसीआर समेत सभी जोन को निर्देश जारी कर दिए हैं। अब बिना राइट्स के प्रमाणपत्र के कोई भी उपकरण पटरियों पर नहीं लगेगा।
