मथुरा में गौरक्षक फरसे वाले बाबा की मौत पर भारी बवाल
गुस्साए लोगों ने जाम लगा वाहनों में की जमकर तोड़फोड
दिल्ली हाइवे घंटो रहा जाम, पुलिस ने बलप्रयोग कर खुलवाया
मथुरा। यूपी के मथुरा जिले के छाता में गौरक्षक बाबा चंद्रशेखर महाराज की ट्रक से कुचलकर हुई संदिग्ध मौत के बाद बवाल हो गया। गुस्साए लोगों ने हाईवे जाम कर हंगामा काटा। वाहनों पर पथराव किया गया। कई वाहनों के शीशे चकनाचूर हो गए। एक बार तो आक्रोशित भीड़ ने पथराव कर पुलिसकर्मियों को भी खदेड़ दिया। बाद में भारी पुलिसबल के साथ पहुंचे अधिकारियों ने बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को खदेड दिया। हालात काबू में करने को आश्रु गैस के गोले छोडे गए। करीब तीन घंटे बाद हालात पर काबू पाया जा सका।
धर्मनगरी मथुरा के ब्रज क्षेत्र में ईद के दिन खुशियों की जगह गम और गुस्से ने ले ली। विख्यात गौ-सेवक चंद्रशेखर, जिन्हें फरसा वाले बाबा के नाम से जाना जाता था, शनिवार को हुई संदिग्ध मौत के बाद पूरा इलाका सुलग उठा है। आरोप है कि गौ-तस्करों ने बाबा को अपनी गाड़ी से बेरहमी से कुचल दिया। इस घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद कड़ा संज्ञान लेते हुए प्रशासन को अपराधियों के खिलाफ पाताल तक जाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
घटना शनिवार तड़के की बताई जाती है। बताया जा रहा है कि दिल्ली-आगरा हाईवे पर बाबा अपनी बाइक से गौ-तस्करों के एक ट्रक का पीछा कर रहे थे। आरोप है कि गौतस्करों ने जानबूझकर गाड़ी की रफ्तार बढ़ाई और बाबा को कुचल दिया। बाबा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। भीड़ ने मौके से एक युवक को पकड़ लिया है। जबकि तीन अन्य आरोपी भागने में सफल रहे। बाबा की मौत की खबर गौरक्षकों और स्थानीय लोगों में उबाल फैल गया। लोग सड़कों पर उतर आए। गुस्साए लोगों ने दिल्ली-आगरा हाईवे जाम कर दिया। इसके चलते वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतार लग गई। माहौल तनावपूर्ण हो गया। भीड ने वाहनों पर पथराव कर दिया। भीड के आक्रोश के आगे एक बार तो पुलिस को भी पीछे हटना पडा। पथराव में पुलिस के वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। एक बार हालात सामान्य हो सके, उसके बाद भीड़ ने फिर से पथराव शुरू कर दिया। बाद में भारी पुलिसबल के साथएडीएम, क्षेत्रीय तहसीलदार, एसपी देहात भी मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बाबा चंद्रशेखर महाराज की मृत्यु एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है। उनकी मांग है कि ट्रक चालक की तत्काल गिरफ्तार कर मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
भीड़ को एक बार पुलिस टीम ने किसी तरह खदेड़ कर हालात पर काबू पाया, तो वहीं फिर से पथराव शुरू हो गया। बार-बार आक्रोश भड़कने से पुलिस के पसीने छूट गए। दिल्ली हाईवे पर फिर से पथराव शुरू हुआ, तो सेना की टुकड़ी को मौके पर बुलाया गया। इस दौरान बवालियों पर जमकर लाठियां फटकारी गईं। पथराव करने वालों को खदेड़ दिया गया। हालात काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा, जिसके बाद करीब तीन घंटे बाद जाम खुल सका।
गौसेवक चंद्र शेखर की संदिग्ध मौत के संबंध में प्रशासन की ओर से जारी बयान के अनुसार, बाबा अपने शिष्यों के साथ गोवंश तस्करी की सूचना पर एक नागालैंड नंबर के कंटेनर की जांच कर रहे थे। इस कंटेनर में साबुन, फिनाइल और शैम्पू जैसे सामान भरे हुए थे। घने कोहरे के कारण, पीछे से आ रहे राजस्थान नंबर के एक तार से भरे ट्रक ने कंटेनर को टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में फरसा वाले बाबा की मौके पर ही मृत्यु हो गई। ट्रक चालक घायल बताया जा रहा है और ट्रक भी क्षतिग्रस्त हो गया है।
सीएम योगी ने दिए सख्त कार्रवाई केनिर्देश
मथुरा में गौ रक्षक फरसा वाले बाबा की मौत के बाद बवाल मच गया। आरोप है कि गौतस्करों ने उन्हें ट्रक से कुचलकर मार दिया। इस मामले में सीएम योगी ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को कड़ा एक्शन लेने का निर्देश देते हुए कहाकि जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय हो, आरोपियों को भी बख्शा नहीं जाएगा। सीएम योगी के आदेश के बाद पुलिस अलर्ट हो गई है। पथराव और हंगामा करने वालों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने घर-घर दबिश देना शुरू कर दिया है। उधर, दिल्ली हाईवे पर बवाल के बाद जो बाइकें छूट गईं, उनकों भी जब्त कर थाने ले जाया गया।
अंतिम दर्शन को उमड़ी भीड़, छाता-बरसाना मार्ग जाम
मथुरा में फरसा वाले बाबा की मौत के बाद जमकर बवाल हुआ। उधर उनका पार्थिव शरीर अजनोक गोशाला पहुंचने पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। छाता-बरसाना मार्ग पर जाम जैसे हालात बन गए, जहां दूर-दूर से गौभक्त अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। यहां भी तकरार के हालात बन गए। गौभक्त प्रशासन से गिरफ्तार किए गए 40 लोगों को छोड़ने और आरोपियों पर कार्रवाई के बाद ही अंत्येष्टि करने की मांग पर अड़े हैं। मौके पर एसएसपी और जिलाधिकारी पहुंच गए हैं। लोगों से बातचीत का अंत्येष्टी कराई।
डीआईजी बोले, सडक हादसे में हुई गौरक्षक की मौत
मथुरा बवाल पर आगरा रेंज डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय ने कहाकि गौरक्षक की मौत सड़क हादसे में हुई है। किसी भी प्रकार का गोवंश शामिल नहीं था। उन्होंने कहाकि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और मामले में कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी की गई है। डीआईजी ने स्पष्ट किया कि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, वहीं पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है।
डीएम बोले, बाबा का समाधि स्थल बनवाया जाएगा
डीएम ने कहाकि बाबा की गौशाला को सरकार की तरफ से हम सहायता देंगे। बाबा का जहां दाह संस्कार होगा, वहां समाधि स्थल बनवाया जाएगा। जिस चालक ने घटना की थी, उसकी अस्पताल में मौत हो गई है। जिन लोगों को जरूरी होगा, हम उनके लिए लाइसेंस देने पर विचार करेंगे। गौसेवक हमारे परिवार के हैं। हम उनके साथ है। जो निर्दोष हैं उन पर कोई केस या कार्रवाई नहीं होगी। एसएसपी ने कहाकि हम बाबा के नाम से ही यहां पर चैकी स्थापित करेंगे। कोई निर्दोष नहीं फंसेगा।







