उपभोक्ता आयोग का फैसला कम्पनी को वापस करनी होगी कार की कीमत
जिला उपभोक्ता आयोग ने कम्पनी को खराब कार के लिए हर्जाना भी लगाया
आगरा। उपभोक्ता फोरम ने वाहन कंपनी को आदेश दिया कि वह खरीदार को कार सही करके वापस करे या फिर उसकी कीमत ब्याज सहित अदा करे। अदालत ने कम्पनी की सेवा में कमी मानते हुए कार की पूरी कीमत छह फीसद ब्याज के लौटाने के साथ मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय के रूप में एक लाख दस हजार रुपये का हर्जाना देने का भी आदेश दिया है।
विभव नगर सदर निवासी शशांक सहगल ने सिकंदरा क्षेत्र के लखनपुर स्थित किआ प्रेम व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड से 19 मार्च 2020 को 33 लाख 95 हजार का भुगतान कर किआ कार्निवल कार खरीदी थी। कुछ ही दिन बाद कार चलते-चलते बंद होने और स्टार्ट होने में परेशानी की शिकायत आने लगी। इस पर परिवादी ने शोरूम में शिकायत दर्ज कराई। शोरूम की ओर से कार की सर्विस करके दे दी गई, लेकिन समस्या दूर नहीं हुई। परिवादी द्वारा अलग-अलग तरीखों में कई बार कार रिपेयर के लिए दी, लेकिन निर्माण दोष होने के चलते कार की दिक्कत दूर नहीं हुई और 9 जून 2024 से कार शोरूम में ही खडी है। परेशान होकर परिवादी ने 1 अक्टूबर 2024 को नोटिस दिया। इसके बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर परिवादी ने प्रतिपक्षी प्रेम व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड और कुम्भट मोर्टर्स जोधपुर के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग प्रथम में परिवाद दाखिल किया।
इस मामले में सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम के अध्यक्ष सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव सिंह ने प्रतिपक्षीगण को आदेश दिया कि वह 45 दिन के अंदर परिवादी किआ कार्निवल कार यूपी-80-एफएम-7474 को सही से मरम्मत करके परिवादी को वापस करें। यदि प्रतिपक्षीगण ऐसा नहीं करते हैं तो कार का मूल्य 33 लाख 95 हजार रुपये खरीद की तारीख से 6 फीसद ब्याज सहित अदा करें। साथ ही मान सिक पीडा के रूप में एक लाख रुपये और वाद व्यय के रूप में 10 हजार रुपये हर्जाने का भुगतान डीडी के जरिए आयोग के खाते में जमा कराएं। उक्त अवधि में आदेश का पालन न करने पर ब्याज दर 9 प्रतिशत देय होगी।
