दरोगा बोलाः किसान फॉच्यूनर में नहीं चलता, आलू के गिरते दामों को लेकर सपा ने किया प्रदर्शन
यमुना एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा की एक लेन पर आलू फैला रोका रास्ता
पुलिस ने 11 के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा, 4 को हिरासत में लिया
आगरा। आलू के गिरते दामों से परेशान किसानों के समर्थन में सोमवार समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने यमुना एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर प्रदर्शन किया। कार्य कर्ताओं ने टोल की लेन पर आलू के कट्टे फैलाकर वाहनों की आवाजाही रोक सर कार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना पर पुलिस पहुंची। इस दौरान दरोगा की टिप्पणी से किसान भडक गए। दरोगा का बोला किसान फाच्र्यूनर से नही चलता। इसका वीडिया भी वायरल हो रहा है। पुलिस ने किसी तरह प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर शांत किया। पुलिस ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष समेत 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। वहीं 4 लोगों को हिरासत में लिया गया।
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष उदल सिंह कुशवाहा और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता सोमवार दोपहर एक बजे यमुना एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने टोल की लेन नंबर नौ से गुजर रहे वाहनों को सड़क पर आलू के कट्टे फैला कर रोक दिया। टोल कर्मचारियों और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ता राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देने की जिद पर अड़े रहे। सूचना पर एसीपी एत्मादपुर देवेश कुमार और एसडीएम एत्मादपुर सुमित सिंह भी मौके पर पहुंच गए।
अधिकारियों के समझाने के बाद कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग की। इस दौरान करीब 15 मिनट तक टोल से आवागमन रुका रहा। वाहनों को दूसरी लाइनों से निकाला गया। एसीपी देवेश कुमार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार और टोल प्रबंधन की तहरीर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह उर्फ राकेश बघेल, मनोज कुशवाह सहित 11 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में पुलिस ने चार लोगों को भी हिरासत में लिया है।
सपा जिलाध्यक्ष उदल सिंह कुशवाहा ने कहाकि किसान आलू के गिरते दामों से बेहद परेशान हैं। बाजार में आलू मात्र 100 रुपये प्रति कट्टा बिक रहा है। जबकि एक कट्टा आलू तैयार करने में एक हजार रुपये की लागत आ रही है। उन्होंने राष्ट्रपति से किसानों के हित में आलू पर 1800 रुपये प्रति कट्टा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय करने की मांग की। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह ने कहाकि किसानों को राहत देने के लिए सरकार को अनुदान की व्यवस्था करनी चाहिए।
