भारत ने खामेनेई की मौत पर जताया शोक, दी श्रद्धांजलि

0
500x300_97991-vikram-misri

विदेश सचिव विक्रम मिसरी पहुंचे ईरानी दूतावास

शोक पुस्तिका पर साइन किए और श्रद्धांजलि दी

नई दिल्ली। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर गहरा दुख व्यक्त किया है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास पहुंचकर शोक पुस्तिका में अपनी संवेदनाएं दर्ज कीं। इस घटना के बाद पश्चिम एशिया में उपजे गंभीर तनाव के बीच भारत ने शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दिया है।

भारत सरकार की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ईरानी दूतावास में शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर कर भारत की संवेदनाएं प्रकट कीं। उन्होंने खामेनेई के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए ईरान की सरकार और वहां के लोगों के प्रति सहानुभूति जताई। भारत ने इस कठिन समय में ईरान के साथ अपनी एकजुटता प्रदर्शित की है, जो दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों की गहराई को दर्शाता है।

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत इस सप्ताह तेहरान में हुए एक हवाई हमले में हुई थी। इस हमले के लिए ईरान और उसके सहयोगी देशों ने अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई को जिम्मेदार माना है। इस घटना के बाद से पूरे पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई है और तनाव तेजी से बढ़ गया है, जिससे कई देश क्षेत्रीय अस्थिरता को लेकर चिंतित हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत इस संकट के समय में एक अत्यंत संतुलित और सावधानी भरा रुख अपना रहा है। एक तरफ जहां भारत ईरान के साथ अपने पारंपरिक और रणनीतिक संबंधों को बरकरार रखना चाहता है, वहीं दूसरी ओर वह वैश्विक शांति और स्थिरता के पक्ष में खड़ा है। भारत की यह नीति क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने और अपने रणनीतिक हितों की रक्षा करने के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान में चलाए जा रहे सैन्य अभियानों के कारण पूरे क्षेत्र में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को आशंका है कि अगर स्थिति जल्द ही नियंत्रण में नहीं आई, तो यह संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है। भारत की प्रतिक्रिया को इसी वैश्विक चिंता के संदर्भ में देखा जा रहा है, जहां वह मध्यस्थता या शांति वार्ता के माध्यम से तनाव को कम करने की दिशा में कार्य कर रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *