एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन से फुटवियर व लैदर उद्योग को मिलेगी नई रफ्तारः पूरन डावर
आगरा। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल द्वारा एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन की घोषणा ने भारतीय निर्यात क्षेत्र, विशेषकर एसएमई, फुटवियर और लेदर उद्योग में नई उम्मीदें जगाई हैं। हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) को प्रभावी बनाने, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सरल करने और कॉम्प्लायंसेज में सुधार के साथ सरकार ने उद्योग को स्पष्ट दिशा दी है। इसी सम्बन्ध में फुटवियर और चमड़ा उद्योग विकास परिषद के चेयरमैन पूरन डावर से संक्षिप्त बातचीत प्रस्तुत है।
– एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन को आप कैसे देखते हैं?
यह मिशन समय की मांग है। सरकार ने एफटीए को धार देने के लिए स्पष्ट रोडमैप दिया है, जिससे निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और नए बाजार खुलेंगे।
– एसएमई उद्योगों के लिए घोषित प्रोत्साहनों का क्या प्रभाव होगा?
एसएमई ही उद्योग की रीढ़ हैं। वित्तीय प्रोत्साहन, प्रक्रिया सरलीकरण और नीतिगत समर्थन से छोटे उद्यम वैश्विक स्तर पर मजबूती से खड़े होंगे।
– कॉम्प्लायंसेज और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर सरकार के कदमों को कैसे आंकते हैं?
कॉम्प्लायंसेज का सरलीकरण उद्योग के लिए बड़ी राहत है। इससे समय और लागत दोनों बचेंगे और उत्पादकता बढ़ेगी।
– फुटवियर और लेदर उद्योग पर विशेष फोकस कितना महत्वपूर्ण है?
यह सेक्टर रोजगार सृजन और निर्यात दोनों में अग्रणी है। राहत पैकेज और नीतिगत फोकस से भारतीय उत्पादों की वैश्विक पहचान और मजबूत होगी।
– और कुछ खास सन्देश जो आप उद्यमियों को देना चाहें ?
सरकार लंच भी खिला रही है, प्रोत्साहन भी दे रही है, दिशा भी दे रही है बस कर्म आपको करना है। कर्म भी सरकार कर देती, लेकिन आपका भाग्य आपके कर्म से लिखा है।
