केंद्रीय हिंदी संस्थान में लघु पत्रिकाओं का हुआ गहन परीक्षण

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हिंदी की कई लघु पत्रिकाओं को केंद्रीय हिंदी संस्थान द्वारा आर्थिक सहायता के लिए पाया उपयुक्त

चयनित पत्रिका को पचास हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने का है प्रावधान

आगरा। केंद्रीय हिंदी संस्थान आगरा में तीन दिवसीय 71वीं अंतरराष्ट्रीय हिंदी संगोष्ठी के दूसरे दिन विभिन्न अकादमिक और वैचारिक कार्यक्रम हुए। कार्यक्रम में हिंदी की लघु पत्रिकाओं को वित्तीय सहयोग प्रदान करने के लिए गठित चयन समिति द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार पत्रिकाओं का गहन और निष्पक्ष परीक्षण किया गया।

इस चयन समिति में सामाजिक समरसता, साहित्यिक सक्रियता और रचनात्मक योगदान के दृष्टिगत राकेश चन्द्र शुक्ला को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया। प्रक्रिया के उपरांत कई हिंदी लघु पत्रिकाओं को केंद्रीय हिंदी संस्थान द्वारा नियमानुसार आर्थिक सहायता के लिए उपयुक्त पाया गया। प्रत्येक चयनित पत्रिका को पचास हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने का प्रावधान है। इस सहयोग से हिंदी पत्रकारिता, वैचारिक विमर्श और समाजोपयोगी साहित्य को नया संबल प्राप्त होगा। संगोष्ठी के अंतर्गत अन्य सत्रों में देश-विदेश से पधारे विद्वानों, शिक्षाविदों और शोधार्थियों ने कृतिम बुद्धिमत्ता के युग में पुस्तकालय सेवाओं का बदलता स्वरूप विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

इस अवसर पर महामना मालवीय मिशन की ओर से प्रधान मंत्री और उपराष्ट्रपति द्वारा विमोचित महामना सम्पूर्ण वाङ्मय की एक प्रति केंद्रीय हिंदी संस्थान के निदेशक डॉ. सुनील बाबू कुलकर्णी को भेंट की गई। निदेशक ने इसके सभी 23 खंडों को संस्थान के ग्रंथालय में सुरक्षित रखने की घोषणा की।

 

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