यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नया ड्राफ्ट तैयार करने के दिए निर्देश
सवर्ण समाज में खुशी का माहौल, वाराणसी में उडा रंग-गुलाल
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) के नए नियमों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या की बेंच ने कहाकि इसके प्रावधान स्पष्ट नहीं हैं और इनका गलत इस्तेमाल हो सकता है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगी दी। अब नए आदेश तक 2012 के नियम ही लागू रहेंगे।
कोर्ट ने यह टिप्पणी मृत्युंजय तिवारी, एडवोकेट विनीत जिंदल और राहुल दीवान की याचिकाओं पर की, जिनमें आरोप लगाया गया कि नए नियम जनरल कैटेगरी के छात्रों के साथ भेदभाव करते हैं। यूजीसी ने 13 जनवरी को अपने नए नियमों को नोटिफाई किया था। इनका देशभर में विरोध हो रहा है।
अब सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और यूजीसी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही नियमों का ड्राफ्ट फिर से तैयार करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहाकि इस मामले में अगली सुनवाई अब 19 मार्च को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहाकि फिलहाल 2012 के यूजीसी नियम देशभर में लागू रहेंगे।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी के नए नियमों पर रोक के बाद उत्तर प्रदेश मे 3 दिनों से चल रहा विरोध-प्रदर्शन जश्न में बदल गया। वाराणसी में छात्रों ने रंग-गुलाल उड़ाकर एक-दूसरे को बधाई दी। नियमों के खिलाफ इस्तीफा देने वाले बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने कहाकि यूजीसी के नए नियम सवर्ण समाज के लिए काला कानून है। उधर, बरेली में भीम आर्मी ने अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ नारेबाजी भी की।

