आगरा पुलिस ने 7.70 करोड बरामद कर किया शहर की सबसे बडी चोरी का खुलासा, तीन गिरफ्तार

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रोजर शू फैक्टरी में हुई करोडों की चोरी की वारदात

फैक्टरी का कर्मचारी ही निकला चोरी का मास्टरमाइंड

गर्लफ्रेंड डिमांड की खातिर दिया वारदात को अंजाम

पौने 4 किलो सोना, 5.5 किलो चांदी भी हुई बरामद

आगरा। चोरी के माल का बंटवारा करने से पहले ही पुलिस शू फैक्टरी स्वामी के यहां से करोडों का माल समेटने वाले शातिरों को दबोच लिया। शहर की सबसे बडी चोरी का खुलासा करते हुए पुलिस ने तीन शातिरों के कब्जे से करीब 7.70 करोड रुपये का माल बरामद किया। चोरी की वारदात का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि शू कम्पनी का कम्प्यूटर आपरेटर ही निकला। उसने ही अपने भाई और एक दोस्त संग वारदात को अंजाम दिया था। सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में कामयाब रही।

आगरा के सिकंदरा क्षेत्र में रोजर शू इंडस्ट्री में 18 जनवरी की रात को करोड़ों रुपए की चोरी हुई थी। सुबह वारदात की जानकारी होने पर शू फैक्टरी स्वामी दीपक बुद्धिराजा ने थाना सिकंदरा में अज्ञात चोरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस चोरी की इस सनसनीखेज वारदात के खुलासे में जुट गई थी।

पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने शुक्रवार को वारदात के खुलासे की जानकारी दी। पुलिस आयुक्त ने बताया कि पुलिस ने करोड़ों रुपए की चोरी का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 66.33 लाख रुपए की नगदी और करोड़ों की डायमंड ज्वैलरी बरामद की गई है। उन्होंने बताया कि चोरी किया गया लगभग पूरा माल बरामद कर लिया गया है। बरामद माल में पौने 4 किलो सोने की ज्वैलरी, साढ़े पांच किलो चांदी और 66.33 लाख नगद बरामद हुआ है।

पुलिस आयुक्त ने बताया कि चोरी की इस वारदात का मास्टरमाइंड शू फैक्टरी का कंप्यूटर ऑपरेटर अनुपम शर्मा निवासी गांव बटेश्वर बाह है। उसने अपने भाई अनुराग शर्मा और दोस्त संजय सिंह निवासी गांव कल्याणपुर भरतारपुर बाह के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया। पुलिस पूछताछ में अनुपम ने बताया कि वह इस चोरी की रकम से अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बेंगलुरु में सेटल होना चाहता था। यहां उसकी आमदनी इतनी नहीं थी, जिससे वह अपना और अपनी गर्लफ्रेंड के सपने पूरे कर पाता। ऐसे में उसने ये रास्ता चुना। चोरी की रकम तीनों में बराबर बांटी जानी थी। अनुपम का भाई अनुराग गांव में ही रहकर ढाबा चलाता है।

ऐसे पहुंची पुलिस चोरों तक

शू इंडस्ट्री कर्मचारी ने 19 जनवरी की सुबह मालिक दीपक बद्धिराजा को सूचना दी कि फैक्ट्री के फस्र्ट फ्लोर में गेट और सभी अलमारियों के ताले टूटे हैं। कर्मचारी की सूचना पर जब दीपक बुद्धिराजा मौके पर पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। फैक्ट्री के ताले टूटे हुए थे। लॉकर में रखी ज्वैलरी और नगदी गायब थी। उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। करोडों की चोरी की वारदात की खबर से पुलिस भी सकते में आ गई। सिकंदरा थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने डीसीपी सैयद अली अब्बास और एसीपी अक्षय माहदिक के नेतृत्व में एक टीम गठित की।

पुलिस ने छानबीन के दौरान घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। इससे आरोपियों की पहचान हुई है। इसके बाद 22 जनवरी को पुलिस ने अनुपम शर्मा, अनुराग शर्मा और संजय सिंह को शास्त्रीपुरम के गोल चक्कर चैराहा के पास जऊपुरा, पनवारी के लिए जाने वाले रास्ते पर दबोच लिया।

पुलिस पूछताछ में मास्टरमाइंड अनुपम शर्मा ने बताया कि कुछ दिन पहले उसने मालिक को फैक्ट्री के लॉकर में कैश और ज्वैलरी रखते हुए देख लिया था। ये बात उसने अपने भाई और दोस्त को बताई। इसके बाद तीनों ने मिलकर चोरी की योजना बनाई। अनुपम ने बताया कि मैं पीछे के रास्ते से फैक्ट्री की दीवार से लगे अर्थिंग पाइप के सहारे टीनशेड पर चढ़कर फैक्ट्री की पहली मंजिल पर पहुंचा। इसके बाद पहली मंजिल के पीछे की साइड के शीशे को तोड़कर अंदर घुसा। फैक्ट्री के मालिक के ऑफिस में लगे सीसीटीवी कैमरे का मुंह ऊपर कर दिया। इसके बाद ऑफिस में लॉकर तोड़कर उसमें रखी लाखों की नकदी और ज्वैलरी को बोरी और बैग में भरकर वापस उसी रास्ते से फैक्ट्री से बाहर आ गया। इस दौरान भाई अनुराग और दोस्त संजय फैक्ट्री के बाहर से आसपास लगे कैमरों से बचते हुए निगरानी कर रहे थे। अनुपम शर्मा लंबे समय से फैक्ट्री में काम कर रहा था, इसलिए उसे यहां की हर गतिविधि की जानकारी थी। अनुपम शर्मा को फैक्ट्री के अंदर के सभी रास्ते और चैकीदारों की ड्यूटी प्वाइंट पता थे।

माल का बंटवारा करने जा रहे थे तीनों

चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों ने फैक्ट्री के पीछे जंगल में चोरी का माल छुपा दिया था। इसके बाद तीनों अलग-अलग रास्तों से भाग निकले थे। 22 जनवरी को बंटवारे के लिए तीनों चोरी का माल निकालकर ला रहे थे, तभी पुलिस ने दबोच लिया।

 

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