अवैध रूप से रह रहे 38 बांग्लादेशी नागरिकों की आगरा से वतन वापसी के लिए हुई रवानगी
जिला कारागार से कडी सुरक्षा में बंगलादेशी नागरिक पश्चिम बंगाल के लिए रवाना
चार साल पहले पकडे गए अवैध बंगलादेशी, सजा पूरी होने पर की वतन वापसी की कार्रवाई
आगरा। अवैध रूप से आगरा में रह रहे 28 बंगलादेशी नागरिकों की वतन वापसी के लिए शनिवार को रवानगी की गई। विदेशी अधिनियम के तहत सजा पूरी कर चुके 38 बंगलादेशी नागरिकों को शनिवार दोपहर डेढ बजे कडी सुरक्षा मेें जिला कारागार से पश्चिम बंगाल के लिए रवाना किया गया। जहां से उन्हें बीएसएफ की सुपुर्दगी में बंगलादेश भेजा जाएगा।
अवैघ रूप से रह रहे इन सभी बांग्लादेशी नागरिकों को फरवनी 2022 को सिकंदरा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया था कि ये सभी चोरी-छिपे सीमा पार कर भारत में दाखिल हुए थे और आगरा में अवैध रूप से रह रहे थे। पुलिस ने विदेशी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर सभी को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उन्हें सजा सुनाई गई।
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि आवास विकास कॉलोनी सेक्टर-13 सिकंदरा में एक अवैध बस्ती में इन बांग्लादेशी नागरिकों की मौजूदगी सामने आई थी। आगरा में ये लोग कबाड़ का काम कर रहे थे। सत्यापन के बाद सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। सजा की अवधि पूरी होने के बाद अब कानूनी प्रक्रिया के तहत इन्हें वापस बांग्लादेश भेजा जा रहा है। इन 38 बंगलादेशी नागरिकों में आठ नाबालिग, पांच किशोर और तीन किशोरियां भी शामिल हैं। ये आश्रय गृह में रह रहे थे। सभी को एक साथ डिपोर्ट किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार आगरा से रवाना किए गए सभी नागरिकों को पश्चिम बंगाल पहुंचाकर बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के सुपुर्द किया जाएगा। जहां से 13 जनवरी को बीएसएफ इन्हें सीमा पार कराकर बांग्लादेश भेजेगी। आगरा पुलिस और प्रशासन का कहना है कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा और कानून के तहत आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।



