रेलवे के प्रोन्नत अधिकारियों पर कार्यभार बढा, पद नहीं
रेलवे प्रोन्नत अधिकारी परिसंघ की दो दिवसीय बैठक में समस्याओं पर हुई चर्चा
स्पंदन अधिकारी क्लब, रेलगांव काॅलोनी, सूबेदार गंज, प्रयागराज में हुई बैठक
प्रयागराज। रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार वृद्धि हो रही है, लेकिन उसके अनुपात में अधिकारियों के पद नहीं बढ़ाये जा रहे है। इसके चलते प्रोन्नत अधिकारियों पर कार्य भार बढ़ गया है। इसका असर उनके स्वास्थ्य के साथ परिवार की देखभाल को भी प्रभावित कर रहा है। उक्त विचार रेलवे प्रोन्नत अधिकारी परिसंघ की रेलगांव काॅलोनी सूबेदारगंज प्रयागराज में दो दिवसीय बैठक में व्यक्त किए गए।
दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना से शुरू हुई बैठक में भारतीय रेलवे के सभी जोनों और उत्पादन इकाइयों के प्रतिनिधियों ने प्रोन्नत अधिकारियों के समक्ष आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की। बैठक में बताया गया कि प्रोन्नत ग्रुप बी अधिकारी 16-17 वर्षों तक एक ही पद पर कार्यरत हैं। उनका प्रोग्रेशन लंबित चल रहा है जिसे ठीक किये जाने पर बल दिया गया। साथ ही ग्रुप-बी अधिकारियों को वरिष्ठ वेतनमान में प्रोन्नति पर लगाई गई रोक को हटाने की मांग की गई।
महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे नरेश पाल सिंह ने इंडियन रेलवे प्रमोटी ऑफिसर्स फेडरेशन की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने रेलवे प्रशासन के समक्ष अधिका रियों की भूमिका, संगठनात्मक समन्वय और सेवा-गुणवत्ता में निरंतर सुधार पर बल दिया।
उन्होंने कहाकि अधिकारी अपने कार्यों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का प्रभावी प्रयोग कर निर्णय-प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ बना सकते हैं। उन्होंने तकनीकी नवाचारों को अपनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। बैठक में अपर महाप्रबंधक जेपी लाकरा, प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी मुदित चन्द्रा समेत सभी विभागाध्यक्षों ने प्रोन्नत अधिकारियों से परिचर्चा की। सभी ने प्रोन्नत अधिकारियों के कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण को सराहते हुए उनकी समस्यायों के समाधान को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक में परिसंघ के अध्यक्ष दीपक राजराय, सेक्रेटरी जनरल अमित जैन, उपाध्यक्ष मंगेश काशीमकर, वित्त सचिव वीके भारती, उत्तर मध्य रेलवे प्रोन्नत अधिकारी संघ के अध्यक्ष शशिकांत गौतम, महासचिव डीके भारद्वाज और विभिन्न जोनों के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
