यूपी चुनाव में योगी ही होंगे भाजपा का चेहरा, संघ का भाजपा हाईकमान को दो टूक, विरोध करने वाले माने जाएंगी बागी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने उत्तर प्रदेश में 2027 के विधान सभा चुनाव से पहले बीजेपी लीडरशिप को कड़ा संदेश भेजा है। लखनऊ में 2 दिसंबर को हुई आरएसएस और भाजपा की उच्च स्तरीय बैठक में यह मुहर लगा दी गई कि यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ ही चेहरा रहेंगे। संघ ने दो टूक कहा है कि उनके नेतृत्व पर जो भी सवाल उठाएगा, उसे बागी समझा जाएगा। यह सख्त मैसेज राज्य और राष्ट्रीय नेतृत्व दोनों के लिए है।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि 2022 विधानसभा और 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर हुई तनातनी से सीटें घटी थीं। 2019 में 62 लोकसभा सीटें थीं, जो 2024 में घटकर 33 रह गईं। आरएसएस ने स्पष्ट किया है कि ऐसी स्थिति दोबारा स्वीकार नहीं की जाएगी और संगठन में जल्द ही बड़े संगठनात्मक बदलाव किए जाएंगे, जिसमें योगी के खिलाफ लॉबिंग करने वालों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।
आरएसएस ने यह भी साफ किया कि विधानसभा चुनाव की रणनीति, टिकट बंटवारे और मुद्दे तय करने में उसकी अहम भूमिका होगी। संघ ने पार्टी हाईकमान को संदेश दिया कि राष्ट्रीय स्तर के नेता भी योगी आदित्यनाथ को लेकर कोई विवादित बयान न दें। इसके अलावा, चुनावी रणनीति के तहत 2026 में यूपी में हिंदूवादी संगठनों और साधु-संतों का एक बड़ा सम्मेलन आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया है।
