बेटे को कैसे हिम्मत दें, पोती बिना दूध के रह रही, अफ्रीका में फंसे धीरज के पिता की गुहार, बेटे, बहू और पोती को वापस आगरा लाया जाए
आगरा। मेरा बेटा-बहू, मेरी पोती सब परेशान हैं। मेरी पोती बिना दूध के रह रही। मेरे बच्चों का क्या कसूर है? उन्हें मेरे पास, उनके परिवार के पास वापस भेजा जाए। अगर मेरे बेटे की गलती है, तो उसे सजा मिले, लेकिन अगर कंपनी की गलती है तो फिर बेटा सजा क्यों भुगते? यह कहते हुए धनपाल जैन का गला रुंध गया। खुद को संभालते हुए उन्होंने बताया कि उनका बेटा धीरज जैन साउथ अफ्रीका के डुआला (कैमरून) में फंसा है।
धनपाल नेहरू नगर स्थित एक एक्सपोर्ट हाउस में ड्राइवर हैं। बेटे और उसके परिवार के वहां फंसे होने के बाद से वो काफी परेशान हैं। धनपाल जैन चाहते हैं कि उनका बेटा, बहू, पोती भारत लौट आएं। इसके लिए वो भारतीय दूतावास से लगातार गुहार लगा रहे हैं।
धनपाल जैन ने बताया कि बेटे धीरज की शादी 2022 में फिरोजाबाद के आर्य नगर की रहने वाली सुप्रिया जैन से हुई थी। धीरज पिछले 12 साल से पुणे की सदगुरु टूर एंड ट्रैवल्स सर्विसेज कंपनी में अकाउंट और फाइनेंस मैनेजर के पद पर काम कर रहा था। कंपनी ने उसकी पोस्टिंग वेस्ट अफ्रीका के डुआला (कैमरून) में कर दी थी। 2023 में धीरज अपनी पत्नी को भी साथ ले गया।
पिछले साल अप्रैल में वहीं मेरी पोती राघवी का जन्म हुआ। इसके बाद बहू सुप्रिया 4 महीने के लिए भारत वापस आई थी। पिछले साल नवंबर में धीरज भी छुट्टी पर घर आया। करीब 2 महीने परिवार के साथ रहने के बाद फिर कैमरून लौट गया। इस दौरान वह पुणे भी गया, जहां उसने अपने कॉन्ट्रैक्ट रिन्युअल से जुड़ी प्रक्रिया पूरी की थी। धनपाल ने कंपनी के मैनेजर दिलीप पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि दिलीप, मनीष और जिम्मी आपस में मिले हुए हैं। तीनों धीरज को फंसा रहे हैं।
पिता बोले-
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर लूट धीरज ने की होती, तो कंपनी पिछले एक साल से उसी से अकाउंट क्यों दिखवा रही थी। मिलियन डॉलर के लेन-देन वही क्यों कर रहा था? उन्होंने बताया कि धीरज के घर की बिजली और पानी तक काट दिया गया। पूरा परिवार अंधेरे में रह रहा और बेहद परेशान है। रोज उससे बात होती है और वह अपनी मुश्किलें बताता है। मैं उसे हिम्मत देता हूं, लेकिन खुद भी टूट रहा हूं। धनपाल के अनुसार, उनकी बहू ने इंडियन एंबेसी से कई बार संपर्क किया, लेकिन कोई पॉजिटिव जवाब नहीं मिला। राजदूत तक उनके संदेशों का जवाब नहीं दे रहे। बहू ने अपने भाई के बेटे की मौत के बारे में बताकर भी मदद मांगी, लेकिन कोई सहायता नहीं मिली।
धीरज और उसके परिवार ने भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय से गुहार लगाई। कहाकि उसका पासपोर्ट वापस दिलाया जाए। इमरजेंसी ट्रैवल डॉक्यूमेंट जारी कर पूरे परिवार को सुरक्षित भारत लाया जाए। धनपाल ने बताया कि उन्होंने राज्यसभा सांसद नवीन जैन से भी मिलकर मदद मांगी थी। अब पता चला है कि मामला कोर्ट में पहुंच गया है। 25 नवंबर को सुनवाई होगी। इसके बाद ही आगे की स्थिति साफ होगी।
धीरज जैन दयालबाग के बसेरा वसंत रेजीडेंसी खासपुर में रहने वाले है। धीरज जैन के पिता धनपाल जैन ड्राइवर हैं। धीरज जैन ने एक वीडियो जारी किया। इसमें वह कह रहे हैं कि 7 सितंबर, 2024 को मैं कंपनी के 25 लाख रुपए लेकर कार से ड्राइवर के साथ ऑफिस जा रहा था। रास्ते में मेरा कैश लूट लिया गया। उस समय मैंने और ड्राइवर ने कैश लूट का बयान लोकल पुलिस के पास दर्ज कराया था। नवंबर, 2024 में मैं 2 महीने के लिए छुट्टी पर आगरा आ गया था। जनवरी, 2025 में जब मैं वेस्ट अफ्रीका स्थित कंपनी के ऑफिस पहुंचा, तब तक ड्राइवर ने बयान बदल दिया था। लूट का आरोप मेरे ऊपर लगाया गया। कंपनी को जब क्लेम से रुपए नहीं मिले, तो मुझ पर ही आरोप लगाने शुरू कर दिए। मेरा 2 साल का कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद भी कंपनी मुझे वापस नहीं आने दे रही। मेरे पासपोर्ट जब्त कर लिए गए। अब कंपनी ने मेरा खर्च उठाने से मना कर दिया। हमारे पास बेटी के लिए दूध खरीदने तक के पैसे नहीं हैं।
धीरज जैन ने कहा- अफ्रीका में 10 हजार फीफा के लिए किसी को कोई मार भी सकता है। हमारे घर पर रोज पुलिस आ रही। हम पर दबाव बनाया जा रहा। बहुत बड़ी कंपनी है, यहां पर हमारे साथ कुछ भी हो सकता है। अजमेर के रहने वाले जिम्मी अलवानी और बिहार का मनीष ठाकुर मुझे ज्यादा परेशान कर रहे। मैं 2012 से कंपनी में काम कर रहा हूं। अब मुझे फंसाने की कोशिश की जा रही। हम पति-पत्नी दोनों लोग हाथ जोड़कर भारत बुलाने की गुहार लगा रहे।
