यूपी, गुजरात, छत्तीसगढ़, एमपी और राजस्थान में 28 अक्टूबर से शुरू होगा एसआईआर
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने राज्यों की सूची जारी का किया एलान
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का सोमवार को एलान किया। राजधानी दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में 27 अक्टूबर को हुई प्रेस वार्ता में सीईसी ज्ञानेश कुमार ने उन राज्यों की सूची जारी की जहां एसआईआर की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। जिन राज्यों में एसआईआर होना है वहां की मतदाता सूची सोमवार रात 12 बजे फ्रीज कर दी गई है। सीईसी ने जिन राज्यों में एसआईआर का एलान किया उसमें-उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात शामिल हैं।
उपरोक्त पांच राज्यों में 28 अक्टूबर से तीन नंवबर तक प्रिटिंग और ट्रेनिंग होगी। इसके बाद 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक हाउस न्यूमेरेशन फॉर्म दिया जाएगा। 9 दिसंबर को इलेक्टोरल रोल्स के ड्राफ्ट का प्रकाशन होगा. आपत्ति और दावे दाखिल करने के लिए 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक का समय दिया जाएगा। इस दौरान 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक नोटिस फेज होगा। 7 फरवरी 2026 तक फाइनल इलेक्टोरल रोल प्रकाशित किया जाएगा।
हर बूथ पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहाकि एक बूथ पर एक परिवार के सभी लोगों का नाम होगा। इससे मतदाताओं को सुविधा होती है। हर बूथ पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे। कुछ नए पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे जिसमें हाईराइज सोसाइटीज भी शामिल हैं। सीईसी ने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य योग्य मतदाता को शामिल करना, अयोग्य को सूची से बाहर करना है। एसआईआर दूसरे चरण में 12 राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों में शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 1951 से 2004 तक 8 बार एसआईआर हो चुका है। सभी राजनीतिक दलों ने अब तक मतदाता सूची में कमियों की शिकायत की थी।
बीएलओ कम से कम 3 बार हर घर जाएंगे
उन्होंने कहाकि आज ही न्यूमेरेशन फॉर्म सभी मतदाताओं के लिए प्रिंट किया जाएगा। हर बीएलओ कम से कम 3 बार हर घर जाएंगे। बाहर रहने वाले मतदाता ऑनलाइन भी ईएफ भर सकते हैं। न्यूमेरेशन फॉर्म के समय किसी और डॉक्यूमेंट या फार्म भरने की जरूरत नहीं होगी। ज्ञानेश कुमार ने कहाकि उसके बाद ड्राफ्ट सूची बनाई जाएगी जिनका ईएफ वापस मिल जाएगा। जिन मतदाताओं की लिंकिंग नहीं हो पाएगी उनको नोटिस भेजा जाएगा जिस से वो अपनी जानकारी दे सके।
