बुजुर्ग किसान को 100 रुपये में धरना देने वाली बताने वाली कंगना ने बठिंडा कोर्ट में मांगी माफी

0
kangana_large_1629_19

बठिंडा। बॉलीवुड अदाकारा और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने सोमवार को बठिंडा की एक अदालत में अपने पांच साल पहले उस विवादास्पद ट्वीट के लिए खेद व्यक्त किया जिसमें उन्होंने एक बुजुर्ग महिला किसान को शाहीन बाग की कार्यकर्ता बिलकिस बानो बता दिया था। कोर्ट में उन्होंने महिला बुजुर्ग किसान को लेकर किए गए ट्वीट पर माफी मांगी।

अदालत के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए, रनौत ने कहाकि यह एक सामान्य मीम था जिसे उन्होंने रीट्वीट किया था न कि उन्होंने मूल रूप से कुछ लिखा था। मंडी की सांसद ने कहा बठिंडा आकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। भारी संख्या में यहां मेरे प्रशंसक मुझसे मिलने आए हैं। इसके अलावा, मैंने माताजी (किसान कार्यकर्ता) के पति को गलतफहमी के लिए एक संदेश भेजा था। मैंने सपने में भी इस विवाद की कल्पना नहीं की थी।

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने गलती की है तो अभिनेत्री ने जवाब दिया कि अगर आप मामले को गौर से देखें, तो मेरी तरफ से कुछ भी मौलिक नहीं जोड़ा गया था। एक रीट्वीट था जिसे मीम की तरह इस्तेमाल किया गया। मैंने इस बारे में महिंदर के पति से बात की। देश भर में कई विरोध प्रदर्शन हो रहे थे, और किसी ने एक सामान्य मीम पर टिप्पणी कर दी थी। विवाद इसी बात पर हुआ था। मैंने इस गलतफहमी पर खेद व्यक्त किया। महिंदर कौर के वकील रघुबीर सिंह बेनीवाल ने कहाकि कंगना समन जारी होने के बाद अदालत में आईं। यह जमानत लेने और जमानत बांड भरने के लिए था। अदालत के अंदर, उन्होंने कहाकि वह शिकायतकर्ता से माफी मांगना चाहती हैं, क्योंकि यह एक गलतफहमी के कारण हुआ था, लेकिन आज महिंदर कौर की तबियत ठीक नहीं थी, उनकी जगह उनके पति मौजूद थे। यह सिर्फ उनके बारे में नहीं, बल्कि किसानों के बारे में भी था जो बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसलिए, जब अदालत ने महिंदर के पति से पूछा तो उन्होंने कहाकि वह अभी कोई फैसला नहीं ले सकते और कोई फैसला लेने से पहले किसान यूनियनों और अन्य लोगों से इस मामले पर चर्चा करेंगे।

मामला दिसंबर 2020 का है, जब रनौत ने एक अब डिलीट हो चुके ट्वीट में बुजुर्ग किसान महिंदर कौर को बिलकिस बानो बता दिया था, जो नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग में हुए विरोध प्रदर्शन में सबसे आगे थीं। उन्होंने आरोप लगाया था कि वह विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए 100 रुपये में उपलब्ध थीं। केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन के दौरान की गई इस टिप्पणी से व्यापक आक्रोश फैल गया था और कौर ने मानहानि का मुकदमा दायर किया था।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *