बिहार चुनावः शाह-नीतीश की बंद कमरे मीटिंग
महागठबंधन में असमंजस, वीआईपी मुकेश सहनी का कांग्रेस पर वादाखिलाफी का आरोप
पटना। बिहार में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। भाजपा के स्टार प्रचारक मैदान में कूद पड़े हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने तीन दिवसीय बिहार दौरे पर हैं। शुक्रवार को वह पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिले। दोनों नेताओं के बीच लगभग 15 मिनट तक बंद कमरे में बातचीत हुई। इसमें आगामी बिहार विधानसभा चुनाव की रणनीति पर गहन चर्चा की गई।
बैठक के बाद शाह ने कहाकि एनडीए नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगा और मुख्यमंत्री पद को लेकर फैसला चुनाव के बाद एनडीए विधायक दल करेगा। उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार पर न केवल भाजपा, बल्कि बिहार की जनता का भी पूरा भरोसा है। इस पर हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतनराम मांझी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहाकि मुख्यमंत्री पद का चेहरा पहले ही तय हो जाना चाहिए था। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि एनडीए में फिलहाल सब कुछ सामान्य है और किसी तरह का कन्फ्यूजन नहीं है।
दूसरी ओर महागठबंधन में शामिल विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के नेता मुकेश सहनी ने दरभंगा की गौराबौराम सीट से अपने भाई संतोष सहनी को उम्मीदवार घोषित किया। सहनी ने कहा मुझे राज्यसभा सीट नहीं चाहिए, मैं डिप्टी सीएम बनना चाहता हूं। उन्होंने कांग्रेस पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी को पत्र लिखा, जिसमें कहा गया कि उन्हें वादे के अनुसार सीटें नहीं मिलीं। महागठबंधन में सीट बंटवारे का फॉर्मूला अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है। कांग्रेस ने अब तक 48 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, जबकि राजद की सूची अभी भी तैयार नहीं हुई है। कई उम्मीदवारों को बिना औपचारिक घोषणा के ही चुनाव चिन्ह जारी कर दिए गए हैं।
