रेलवे ओएचई लाइन के खतरों से किया गया आगाह

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आगरा रेल मंडल में रेलवे के विद्युत विभाग और आरपीएफ ने चलाया जनजागरुकता अभियान

आगरा। रेलवे ने ओएचई से जुडे खतरों से लोगों को अगाह किया। मंडल रेल प्रबंधक आगरा गगन गोयल के निर्देशन में वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर धर्मेश कुमार के निर्देशन में 25 केवी ओवरहेड उपकरण (ओएचई) से जुड़े खतरों के बारे में आम जनता में जागरूक किया गया। रेलवे विद्युत विभाग टीआरडी और आरपीएफ द्वारा संयुक्त रूप जन-जागरूकता अभियान उन क्षेत्रों में चलाया गया। जहां पत्थरबाजी और पतंग के मांझे से संबंधित घटनाएं अधिक होती हैं।

इसके तहत गेट संख्या 547 (छाता-कोसीकलां सेक्शन), छाता स्टेशन, एलसी गेट संख्या 557 (होडल- शोलाका सेक्शन) और एलसी गेट संख्या 552 (होडल- कोसीकलां सेक्शन) पर चलाया गया। इस दौरान स्थानीय निवासियों को बताया गया कि 25 केवी ओएचई में अत्यधिक वोल्टेज होता है, जिससे किसी भी प्रकार का संपर्क होने पर गंभीर विद्युत आघात लग सकता है। ओवरहेड उपकरणों पर पत्थर या वस्तु फेंकन से इंसुलेटर टूट सकते हैं, जिससे ओएचई तारों का टूटना, बिजली का झटका लगना अथवा रेल यातायात बाधित होना संभव है।

ट्रैक पर चलने या पार करने से बचेंः जनता को सलाह दी गई कि वे ओवरहेड तारों के नीचे रेलवे ट्रैक पर न चलें और न ही पार करें।

रेलवे ट्रैक के पास पतंग उड़ानाः बच्चों और युवाओं को समझाया गया कि वे रेलवे ट्रैक के पास खेलें नहीं, पतंग न उड़ाएं और ट्रेनों पर पत्थर न फेंकें। ट्रैक के आसपास रहने वाले कई लोग पतंग उड़ाते हैं, जिससे मांझा ओएचई या ट्रेन के पैंटोग्राफ में फंस जाता है। यदि मांझे में धातु या चालक पदार्थ हो तो पतंग उड़ाने वाले व्यक्ति को करंट लग सकता है।
ट्रैक के पास लम्बे डंडे या पोल उठानाः किसी भी व्यक्ति को विद्युतीकृत रेलवे ट्रैक के पास कोई लम्बा डंडा, पोल या धातु की वस्तु नहीं उठानी चाहिए, क्योंकि इससे करंट लगने का गंभीर खतरा रहता है।

ट्रैक के पास कचरा फेंकनाः कई लोग ट्रैक के पास कचरा फेंक देते हैं। पॉलीथीन और अन्य अपशिष्ट ओएचई या पैंटोग्राफ में फंस सकते हैं, जिससे कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है और रेल संचालन बाधित हो सकता है।

मास्ट या पोर्टल को न छुएंः लोगों को बताया गया कि वे ओएचई मास्ट, पोर्टल या किसी भी धातु संरचना को न छुएं और न ही उसके सहारे खड़े हों, क्योंकि इनमें लीकेज करंट हो सकता है, जिससे बिजली का झटका लगने का खतरा रहता है।

कोई भी असामान्य घटना दिखे तो तुरंत सूचना देंः यदि किसी को स्पार्किंग, धुआं या ओएचई को कोई नुकसान दिखाई दे, तो तुरंत रेलवे अधिकारियों या नजदीकी स्टेशन को इसकी सूचना दें।

 

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