फूटा महिलाओं का गुस्सा, तहस-नहस की लाखों की शराब
कुसियापुर गांव में मातम के बीच ठेके पर बिक रही थी शराब
ठेका खुला देखकर भडके ग्रामीण, जमकर की गई तोडफोड
आगरा। खेरागढ़ क्षेत्र में देवी प्रतिमा विसर्जन के दौरान उटंगन नदी में डूबे 13 लोगों में से सात युवकों का तीसरे दिन भी पता नहीं चल सका। इस हादसे से कुसियापुर गांव ही नहीं आसपास के गांव शोक में डूबे हैं। हादसे के बाद कुसियापुर गांव के बाहर शराब का ठेका खोले जाने से ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने ठेके पर पहुंचकर जमकर तोड़फोड़ कर दी। इससे अफरा-तफरी मच गई।
ग्रामीणों का कहना था कि गांव में हुई दुखद घटना के बाद भी शराब बेची जा रही है। इस पर पुलिस प्रशासन ने कोई रोक नहीं लगाई। इस पर बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंच गई। नारेबाजी करते हुए काफी देर तक हंगामा किया। सूचना पर पुलिस फोर्स पहुंच गई। तब कहीं मामला शांत हो सका। तब तक लाखों की शराब की बोतल तोड़कर नष्ट कर दी गई थीं।
गौरतलब है आगरा में उटंगन नदी में देवी प्रतिमा विसर्जन करने के दौरान डूबे खेरागढ़ के गांव कुसियापुर के 7 युवकों का तीसरे दिन भी पता नहीं चल सका। शनिवार को भी सेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन दल (एनडीआरएफ) का सर्च आपरेशन जारी रहा। युवकों की तलाश के लिए नदी की धारा को डूब क्षेत्र के बीच से नाला बनाकर दूसरी तरफ मोड़ा गया है। 250 मीटर के क्षेत्र में नदी का पानी कम करने के लिए अस्थायी बांध बनाया गया है। नाला बनाकर पानी निकाला गया। उधर अपनों के इंतजार में परिवार के लोगों की आंखें पथरा गई हैं। आंसू भी सूख गए हैं। घटनास्थल पर हजारों लोग डूबे हुए युवकों के निकलने के इंतजार में मौजूद रहे।
